HHaryana Kisan News: हरियाणा में इस साल गेहूं की खरीद में चार गुना से भी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक 9 अप्रैल तक 3.53 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि पिछले साल इसी तारीख तक सिर्फ 93 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था।
गेहूं की कटाई अब पूरे जोर पर है और किसानों ने अपनी फसल मंडियों में लाना शुरू कर दिया है।. मंडियों में भी गेहूं के दाने चढ़ने लगे हैं, तो मंडियों में भी हलचल बढ़ गई है
राज्य में सबसे ज्यादा गेहूं की खरीद पलवल जिले से हुई है जहां 93 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा गया है। इसके बाद फरीदाबाद दूसरे स्थान पर है जहां 48 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा की खरीद दर्ज की गई है। गुरुग्राम और सोनीपत से भी अच्छी मात्रा में गेहूं और धान की खरीद हुई है।
अब तक पूरे हरियाणा में 6.20 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है जिसमें से अकेले पलवल जिले में 1.19 लाख मीट्रिक टन गेहूं आया है। इसके बाद सोनीपत 69 हजार मीट्रिक टन और करनाल और फरीदाबाद जैसे जिलों में भी बड़ी मात्रा में गेहूं की आवक हुई है।
हालांकि गेहूं की खरीद तो जोरों पर है लेकिन उठान यानी एजेंसियों द्वारा मंडियों से गेहूं को उठाने की प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है। अभी तक केवल 25 हजार मीट्रिक टन गेहूं का ही उठान हो पाया है जिससे मंडियों में जगह की कमी और अनाज के खराब होने की आशंका बनी हुई है।
हालांकि खरीद प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होनी थी लेकिन ट्रांसपोर्ट और लेबर कांट्रेक्ट फाइनल न होने के कारण लगभग सभी 415 खरीद केंद्रों पर असली खरीद मंगलवार से शुरू हो पाई। विभाग के अधिकारी का कहना है कि इस बार फरवरी और मार्च में बारिश कम हुई है जिससे फसल अच्छी हुई और खरीद में बढ़ोतरी देखी गई है।

















