वाहन चालकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, दरअसल, हाईवे या एक्सप्रेसवे पर सफर करने के लिए सभी वाहन चालकों को टोल टैक्स देना पड़ता है। एक्सप्रेसवे पर 60 किलोमीटर की दूरी पर टैक्स भुगतान के लिए टोल प्लाजा है, जहां वाहन चालकों से टोल टैक्स लिया जाता है।
इसके लिए टोल प्लाजा पर रुकना पड़ता है। अब जल्द ही टोल टैक्स वसूली का सिस्टम पूरी तरह बदलने वाला है। दरअसल, आप बिना ब्रेक लगाए टोल प्लाजा पार कर सकेंगे। टोल टैक्स भुगतान के लिए न तो आपको फास्टैग की जरूरत होगी और न ही टोल प्लाजा पर रुकने का झंझट होगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री का बड़ा ऐलान-
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि जल्द ही नई टोल पॉलिसी लागू की जाएगी। नई टोल व्यवस्था (new toll system news) के तहत वाहन चालकों को हाईवे पर बेवजह रुकने और गलत चार्ज वसूलने से राहत मिलेगी। नई टोल व्यवस्था लागू होने से न तो फास्टैग की जरूरत होगी और न ही आपको टोल प्लाजा पर रुकना पड़ेगा। देशभर में नई GPS आधारित टोल व्यवस्था की सेवा शुरू होने जा रही है। नई टोल व्यवस्था से वाहन चालकों को कई फायदे होंगे। आप जितनी दूरी तय करेंगे, आपको उतना ही टोल टैक्स देना होगा।
कब लागू होगी नई टोल व्यवस्था
नई टोल व्यवस्था (New Toll System Updates) को लेकर कई तरह की खबरें फैल रही थीं, जिन पर सरकार ने पहले ही प्रतिक्रिया दे दी है। सरकार ने उन सभी खबरों का खंडन किया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि 1 मई 2025 से GPS व्यवस्था लागू हो जाएगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि 1 मई से राष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट आधारित टोलिंग व्यवस्था लागू होने और फास्टैग आधारित टोल कलेक्शन व्यवस्था की जगह लेने की तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया गया है। सरकार ने कहा कि 1 मई से सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम लागू करने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
कैसे काम करेगा यह नया टोल सिस्टम-
नया जीपीएस आधारित टोल सिस्टम न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है बल्कि गति, सटीकता, पारदर्शिता और सुविधा के मामले में भी आगे है। यह आपके खाते से जुड़ा होगा। जब आप यात्रा करेंगे तो टोल टैक्स का पैसा सीधे खाते से कट जाएगा।
शुरुआत में टोल टैक्स का भुगतान नकद में किया जाता था, जिसके कारण वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ता था। इसके बाद साल 2016 में फास्टैग आने के बाद टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी लाइनों से राहत मिली, लेकिन कई जगहों पर जाम की समस्या अभी भी बनी हुई है। कई बार फास्टैग स्कैनिंग में दिक्कतों के कारण टोल बूथ पर लंबी कतार लग जाती है।
सरकार अब इस झंझट को खत्म करने के लिए नए टोल सिस्टम पर काम कर रही है। वाहनों को बिना किसी परेशानी के यात्रा करने और यात्रा के समय को कम करने के लिए चुनिंदा टोल प्लाजा पर ‘एएनपीआर-फास्टैग बेस्ट बैरियर-इक्विप्ड टोलिंग सिस्टम’ लागू किया जाएगा। यह उन्नत टोलिंग सिस्टम ‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन’ (एएनपीआर) तकनीक, जिसमें वाहनों की पहचान नंबर प्लेट से होती है, और ‘फास्टैग सिस्टम’, जो रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) पर काम करता है, दोनों का संयोजन होगा।
















