Jagannath Puri: ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में 11 जून को स्नान पूर्णिमा मनेगी। आस्था है कि स्नान के बाद भगवान बीमार हो जाते हैं और 15 दिन तक किसी को दर्शन नहीं देते। 16वें दिन नवयौवन श्रंगार के साथ दर्शन देते हैं। उसके अगले दिन रथयात्रा पर निकलते हैं। गुंडीचा मंदिर अपनी मौसी के यहां जाते हैं।
स्नान पूर्णिमा 11 को: बता दे कि ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में 11 जून को स्नान पूर्णिमा मनेगी। इसी दिन भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ श्री मंदिर में भक्तों के सामने स्नान करते हैं। पूरे साल में सिर्फ इसी दिन भगवान जगन्नाथ को मंदिर में ही बने सोने के कुंए के पानी से नहलाया जाता है।
15 दिन तक नहीं होगें दर्शन: बता दे ने कि पूर्णिमा स्नान के बाद भगवान बीमार हो जाते हैं और 15 दिन तक किसी को दर्शन नहीं देते। इसके बाद 16वें दिन नवयौवन श्रंगार के साथ दर्शन देते हैं।
जब भगवान बीमार रहते हैं, तब 27 किलोमीटर दूर आलारनाथ मंदिर में दर्शन होते हैं। माना जाता है इन दिनों आलारनाथ मंदिर में दर्शन से भगवान जगन्नाथ के दर्शन का पुण्य मिलता है। आलारनाथ भगवान जगन्नाथ के भक्त थे। Jagannath Puri
परंपरा के मुताबिक देवस्नान के बाद भगवान जगन्नाथ को बुखार आ जाता है, इसलिए वो 11 से 25 जून तक किसी को दर्शन नहीं देंगे। बीमार होने पर पर भगवान को मुख्य सिंहासन पर न बैठाकर मंदिर में ही बांस की लकड़ी से बने कक्ष में रखा जाएगा। 15 दिनों तक 56 भोग की जगह औषधियों से युक्त सामग्री, दूध, शहद आदि चीजों का भोग लगता है। इसे ही भगवान की अनवसर पूजा कहा जाता है।
जानिए कार्यक्रम शेड्यूल:
- 16 जून को अनवसर पंचमी पर भगवान के अंगों में आयुर्वेद के विशेष तेल की मालिश
20 तारीख को अनवसर दशमी रहेगी इस दिन भगवान रत्न सिंहासन पर विराजमान होगेंग - 21 को भगवान के शरीर पर विशेष औषधियां लगेंगी। उसको खलि लागि कहते हैं।
- 25 तारीख को भगवान के विग्रह को ठीक कर के सजाया जाएगा।
- 26 जून को नव यौवन दर्शन होंगे।
- 27 जून को सुबह गुंडिचा रथयात्रा शुरूJagannath Puri

















