Ganesh Chaturthi: गणेशोत्सव यानी गणेश चतुर्थी का उत्सव पूरे 10 दिनों तक मनाया जाता है। जिसकी शुरुआत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है और समापन अनन्त चतुर्दशी के दिन होता है। इस बार 27 अगस्त, यानी कल गणेश चतुर्थी है। इस दिन, चित्रा नक्षत्र, बुधवार और भाद्रपद महीने की चतुर्थी तिथि से शुभ संयोग बन रहा है।
गणेश पुराण में बताया गया है कि ऐसे ही संयोग में देवी पार्वती ने दोपहर के समय गणपति की मूर्ति बनाई थी, जिसमें भगवान शिव ने प्राण डाले थे। इस खास दिन पर गणपति की स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त रहेंगे।
जानिए पूजन का सही समय Ganesh Chaturthi
गणेश चतुर्थी – 27 अगस्त 2025, बुधवार
गणेश पूजा मुहूर्त – 11:05 ए एम से 01:40 पी एम
अवधि – 02 घण्टे 34 मिनट्स
वर्जित चन्द्रदर्शन का समय – 09:28 ए एम से 08:57 पी एम
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – अगस्त 26, 2025 को 01:54 पी एम बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त – अगस्त 27, 2025 को 03:44 पी एम बजे
गणेश चतुर्थी चौघड़िया मुहूर्त (Ganesh Chaturthi Choghadiya Muhurat 2025)
लाभ – उन्नति – 05:57 ए एम से 07:33 ए एम
अमृत – सर्वोत्तम – 07:33 ए एम से 09:09 ए एम
शुभ – उत्तम – 10:46 ए एम से 12:22 पी एम
लाभ – उन्नति – 05:12 पी एम से 06:48 पी एम
भादौ महीने की इस गणेश चतुर्थी पर गणपति को सिद्धि विनायक रूप में पूजने का विधान है। इस रूप की पूजा भगवान विष्णु ने की थी और ये नाम भी दिया।Ganesh Chaturthi
गणेश जी के सिद्धि विनायक रूप की पूजा हर मांगलिक काम से पहले होती है। माना जाता है गणेश जी का ये रूप सुख और समृद्धि देने वाला होता है। इनकी पूजा से हर काम में सफलता मिलती है। इसलिए इन्हें सिद्धि विनायक कहते हैं।Ganesh Chaturthi

















