Akshaya Tritiya: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का बहुत बडा महत्व है। ज्योतिषो के अनुसार इस तिथि विशेष रूप से शुभ कार्यों, दान, और धार्मिक गतिविधियों के लिए मानी जाता है। अक्षय तृतीया, जिसे आखा तीज भी कहा जाता है, को हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस तिथि को सौभाग्य और सफलता से जोड़कर देखा जाता है आइए, इस तिथि के लिए क्या क्या फायदे है। यहां पूरी जानकारी पढते है।
Akshaya Tritiya का महत्व:
मान्यता है कि इस दिन से शुरू किए गए कार्य या किए गए दान का कभी भी क्षय नहीं होता।
भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को बताया था कि इस दिन रचनात्मक और सांसारिक कार्य करने का पुण्य प्राप्त होता है।
इस दिन वृंदावन के बांके बिहारी जी के मंदिर में श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं।
यमुनोत्री के कपाट भी इसी दिन खुलते हैं।
Akshaya Tritiya इस दिन किन चीजों का करें दान: बता दे किअक्षय तृतीया के दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है। इस दिन पर किसी पवित्र नदी में स्नान कर गरीबों व जरूरतमंद लोगों के बीच अपनी क्षमतानुसार, अनाज जैसे गेहूं, चावल, जौ, कपड़े, जल, सोने-चांदी की चीजें या फिर धन आदि दान कर सकते हैं। इतन ही नहीं इस दिन पर सफेद चीजों का दान करना भी शुभ माना जाता है। इसके लिए आप दूध, दही, शक्कर, खीर, शंख और सफेद कपड़े आदि का दान कर सकते हैं।
Akshaya Tritiya पर करने योग्य शुभ कार्य:
- विवाह: अविवाहित लोगों के लिए यह दिन विवाह के लिए अत्यंत शुभ है।
- गृह प्रवेश एवं निर्माण: नए घर का शुभारंभ, गृह प्रवेश या निर्माण कार्य इस दिन किया जा सकता है।
- व्यापार शुरूआत: नए व्यापार या दुकान की शुरुआत भी लाभदायक मानी जाती है।
- तीर्थ स्नान और पितृ तर्पण: इस दिन पवित्र स्नान और अपने पितरों का तर्पण करना अत्यंत शुभ है।
- भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी: इन वस्तुओं की खरीद भी शुभ फलदायक होती है।
- पदभार ग्रहण: कार्यालय या संस्थान का कार्यभार ग्रहण करना भी शुभ माना जाता है।
- धार्मिक कर्म: स्नान, ध्यान, जप, हवन, स्वाध्याय, पिंडदान, और पितृ तर्पण से पुण्य की प्राप्ति होती है।
- व्रत: महिलाएं अपने परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं।
- देवी-देवताओं की पूजा: भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से मनोवांछित फल मिलते हैं।
- सोने की खरीदारी: इस दिन सोना खरीदना भी शुभ माना जाता है।
अबूझ मुहूर्त क्या है Akshaya Tritiya
- वर्ष में साढ़े तीन अबूझ मुहूर्त होते हैं, जिन्हें स्वयं सिद्ध मुहूर्त भी कहा जाता है।
- इन दिनों में किसी विशेष मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि पूरे दिन शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
- इनमें से एक है वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया।
- अन्य मुहूर्त हैं: चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा), अश्विन माह में दशहरा, और कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा का आधा भाग।
- इस प्रकार, अक्षय तृतीया का दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शुभ कार्यों के लिए भी अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। इसे अपनी जीवन में शुभता और समृद्धि लाने का अवसर मानें।
इस तरह करें पूजा: अक्षय तृतीया के दिन धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। अक्षय तृतीया पर विधिवत रूप से मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा-अर्चना करें। पूजा में घी का दीपक जलाएं और मां लक्ष्मी के चरणों में कमल का फूल अर्पित करें।

















