Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इस वक्त गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। हवा इतनी ज़हरीली हो चुकी है कि सांस लेना मुश्किल हो गया है। इस गंभीर हालात को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाना शुरू कर दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई के साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
MCD ने लगाया प्रदूषण नियंत्रण का कड़ा दस्ता
प्रदूषण कम करने के लिए MCD की टीम अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है। इनमें एंटी स्मॉग गन शामिल हैं जो हवा में पानी की बारीक बूंदें छोड़कर धूल और प्रदूषक कणों को जमीन पर बैठा देती हैं। मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनें सड़कों की सफाई करती हैं ताकि धूल उड़ने से रोका जा सके। इसके अलावा 57,000 कर्मचारी 6,130 किलोमीटर लंबी सड़कों की रोजाना सफाई कर रहे हैं। मुख्य सड़कों पर 52 मैकेनिकल स्वीपर मशीनें धूल नियंत्रण के लिए काम कर रही हैं। लैंडफिल साइटों पर 167 वॉटर स्प्रिंकलर, 28 मोबाइल और 20 स्थिर एंटी स्मॉग गन, साथ ही ऊंची इमारतों पर 15 एंटी स्मॉग गन लगाए गए हैं।
उल्लंघन पर भारी जुर्माना और कड़ी निगरानी
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के तहत प्रदूषण फैलाने वाले किसी भी कार्य में लिप्त पाए जाने वालों पर ₹5,000 से ₹50,000 तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। MCD की टीमें निर्माण स्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों और कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं।
व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बताया कि प्रदूषण की वजह से दिल्ली के व्यापार को रोजाना लगभग ₹100 करोड़ का नुकसान हो रहा है। व्यापारी वर्ग ने सरकार को प्रदूषण नियंत्रण में पूरा सहयोग देने का आश्वासन भी दिया है।
पार्किंग शुल्क दोगुना करने का प्रस्ताव
वाहनों की बढ़ती संख्या को कम करने के लिए MCD ने पार्किंग शुल्क को दोगुना करने का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना और सड़क पर वाहनों की संख्या घटाकर प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है। यह प्रस्ताव निगम सदन की मंजूरी के बाद लागू होगा।
दिल्ली का AQI गंभीर श्रेणी में
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। बवाना, वज़ीरपुर, मुंडका और पंजाबी बाग जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक है। सरकार और MCD ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रदूषण फैलाने वाले कार्यों से बचें और नियमों का पालन करें।

















