MNREGA SCAM: हरियाणा में जरूरत मंद को रोजगार देने के लिए चलाई मरनेगा आजकल प्रसाशन की अनेदखी के लिए घोटाले का पोर्टल बन गया। दो तीन साल पहले रेवाड़ी के गांव में ऐसा घोटाला मिला था वही अब एक ओर हरियाणा के सिरसा जिलें मिला है। सवाल यह है सरकार ऐसे लोगों पर कार्रवाइ क्यों नहीं करती। कार्रवाई का कोई डर नहीं है इसलिए ये बढता जा रहा है।
हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा खंड के गांव हंजीरा में मनरेगा (MGNREGA) योजना के तहत बड़ा गोलमाल सामने आया है। यहां मर चुके 8 लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरी करते हुए दिखाया गया, जबकि ये सभी लोग वर्षों पहले दुनिया छोड़ चुके हैं।MNREGA SCAM
हैरानी की बात यह है कि डिजिटल पोर्टल पर मृतकों की हाजिरी लगती रही और उनके नाम से मनरेगा मजदूरी खातों में ट्रांसफर होती रही। इस मामले ने डिजिटल सिस्टम, पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।MNREGA SCAM
सिरसा के परिजनों का कहना है उन्होंने अपने परिजनों की मनरेगा मजदूरी की कोई राशि नहीं ली है। इससे मामला और भी गंभीर हो गया है और फर्जीवाड़े की आशंका मजबूत होती दिख रही है।
अब देखना यह होगा कि जांच में पंचायत स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है, और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।
मृतकों ने मनरेगा पर किया काम!
जानकारी के अनुसार, गांव में कुताना माइनर की सफाई, गली निर्माण और मरम्मत कार्य जैसे कार्यों में मृत व्यक्तियों के नाम मस्टर रोल में दर्ज किए गए ओर उनका मानदेय भी पंचायत रिकोर्ड से भेजा गया है।
- करीब 132 दिनों की फर्जी हाजिरी
- ₹50 हजार से अधिक की मजदूरी निकाले जाने का आरोप
- सरकारी रिकॉर्ड में मृतक लगातार मजदूरी करते रहे, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट है।
- गांव निवासी हनुमान ने इस पूरे मामले को लेकर दिशा और ग्रीवांस कमेटी में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मृत मजदूरों के नाम से फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया।
अधिकारियों ने दिए जांच के संकेत
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिरसा के सीईओ सुभाष चंद्र ने कहा कि नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव हंजीरा में मनरेगा में हुई कथित गड़बड़ी की जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।MNREGA SCAM
किन मृतकों के नाम से निकाली गई मजदूरी?
ग्रामीणों के अनुसार जिन मृतकों को मनरेगा में काम करते हुए दिखाया गया, उनमें शामिल हैं:
- इंद्रपाल – सड़क हादसे में मौत: 29 जून 2024
- कलावती – मृत्यु: 21 अगस्त 2017
- नेतराम – मृत्यु: 15 दिसंबर 2019
- जगमाल – मृत्यु: 14 अप्रैल 2022
- रमेश कुमार – मृत्यु: 30 जनवरी 2017
कैथल में भी हुआ था घोटाला: हरियाणा के कैथल में भी मनरेगा घोटाला सामने आया है। नूंह की तरह यहां भी विदेश में रह रहे लोगों के नाम पर फर्जी जॉब कार्ड बना उनकी हाजिरी लगाकर पैसे निकलवाए गए हैं। बताया जा रहा है कि जिन लोगों को हाजिरी लगाई जा रही है वो गांव में रहते ही नहीं है। ये वो लोग हैं जो कई सालों से जर्मनी, इटली, फ्रांस और अन्य देशों में गए हुए है। शिकायतकर्ता अनुसार ऐसे एक दो नहीं बल्कि 20 से 22 व्यक्तियों के फर्जी जॉब कार्ड बना सरकार को लाखों रुपए का चूना लगाया गया है।

















