Haryana के कई जिलों में इन दिनों रसोई गैस को लेकर असामान्य स्थिति देखने को मिल रही है। अचानक रसोई गैस की मांग में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि दूसरी ओर सप्लाई में 20 से 25 प्रतिशत तक की कमी बताई जा रही है। इस स्थिति ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं और कई जगहों पर उपभोक्ताओं और एजेंसी संचालकों के बीच बहस और नोकझोंक की खबरें भी सामने आ रही हैं।
हालांकि प्रशासन और गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि प्रदेश में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। उनके अनुसार कुछ तकनीकी और वितरण संबंधी कारणों से अस्थायी दिक्कतें सामने आई हैं, जिन्हें जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और धैर्य बनाए रखें। इसके बावजूद लोगों में असमंजस और चिंता बनी हुई है, क्योंकि उन्हें समय पर सिलिंडर मिलने को लेकर आशंका है।
मांग बढ़ने से एजेंसियों पर बढ़ा दबाव ?
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में अचानक बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस सिलिंडर लेने या अपनी बुकिंग की स्थिति जानने के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। कई लोग एक साथ गैस बुक कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। कुछ उपभोक्ता ऐसे भी हैं जो पहले से बुक किए गए सिलिंडर की स्थिति जानने के लिए बार-बार एजेंसी कार्यालय पहुंच रहे हैं।
इस बढ़ती भीड़ के कारण कई जगहों पर लंबी कतारें लग रही हैं। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच बहस भी हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उनकी गैस बुकिंग अचानक कैंसिल दिख रही है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। दूसरी ओर एजेंसी संचालक समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह व्यवस्था के अनुसार होता है।
कीमतों में बदलाव और बिलिंग नियम से बढ़ी उलझन ?
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि रसोई गैस की कीमतों में समय-समय पर बदलाव होता रहता है। ऐसे में जिस दिन गैस सिलिंडर का बिल काटा जाता है, उसी दिन की कीमत को मान्य माना जाता है। कई बार उपभोक्ताओं की बुकिंग पहले हो जाती है लेकिन डिलीवरी बाद में होती है, जिससे कीमत में बदलाव का असर पड़ सकता है।
कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि कीमत बदलने के बाद पुराने ऑर्डर को सिस्टम में अपडेट करने के कारण बुकिंग कैंसिल या री-प्रोसेस दिखाई देती है। यही वजह है कि कई उपभोक्ता भ्रमित हो जाते हैं और एजेंसी पर जाकर जानकारी लेने लगते हैं। एजेंसी संचालकों का कहना है कि यह सामान्य प्रक्रिया है और इसमें घबराने की जरूरत नहीं है।
ऑनलाइन बुकिंग में तकनीकी समस्या से बढ़ी परेशानी ?
इन दिनों उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी समस्या ऑनलाइन गैस बुकिंग का ठीक से काम न करना भी है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए गैस बुक करने की कोशिश करने पर तकनीकी त्रुटि दिखाई देती है। इसके कारण उन्हें बार-बार प्रयास करना पड़ता है या फिर मजबूर होकर एजेंसी कार्यालय जाना पड़ता है।
तकनीकी गड़बड़ी की वजह से एजेंसियों पर लोगों की भीड़ और बढ़ गई है। जो काम घर बैठे ऑनलाइन हो सकता था, उसके लिए लोगों को एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे समय और मेहनत दोनों की बर्बादी हो रही है। उपभोक्ताओं को डर है कि कहीं देरी की वजह से उन्हें समय पर सिलिंडर न मिल पाए।
अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम में आई तकनीकी समस्या को ठीक करने के लिए संबंधित टीम काम कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही यह समस्या दूर कर ली जाएगी और उपभोक्ता पहले की तरह आसानी से ऑनलाइन गैस बुक कर सकेंगे।
फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों को आश्वस्त किया जा रहा है कि प्रदेश में रसोई गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। सप्लाई को सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करें, ताकि वितरण व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
यदि आने वाले दिनों में सप्लाई और ऑनलाइन सिस्टम दोनों सामान्य हो जाते हैं, तो उम्मीद है कि उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और एजेंसियों पर लग रही लंबी कतारें भी कम हो जाएंगी। फिलहाल लोग प्रशासन के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

















