CM Naib Saini का बड़ा फैसला: हरियाणा के स्वतंत्रता सेनानियों, हिंदी आंदोलन-1957 के मातृभाषा सत्याग्रहियों और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सत्याग्रहियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। हरियाणा सरकार ने इन लोकतंत्र सेनानियों की मासिक पेंशन को दोगुना करने का फैसला किया है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2024 से लागू होगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इन सत्याग्रहियों के संघर्ष को सम्मान देते हुए इस महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इसलिए, हरियाणा सरकार ने सत्याग्रहियों को सम्मानित करने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं।
शुभ ज्योत्सना पेंशन योजना के तहत पेंशन में बढ़ोतरी
हरियाणा सरकार शुभ ज्योत्सना पेंशन योजना के तहत 501 लोकतंत्र सेनानियों और उनकी विधवाओं को पेंशन प्रदान कर रही है। अब 1 जुलाई 2024 से इनकी मासिक पेंशन ₹10,000 से बढ़ाकर ₹20,000 कर दी जाएगी। इस कदम से इन सत्याग्रहियों और उनके परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और वे अधिक सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकेंगे।
सत्याग्रहियों को मिलने वाली अन्य सुविधाएँ
पेंशन में बढ़ोतरी के साथ ही सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई अन्य लाभकारी योजनाओं की भी घोषणा की है, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख हैं:
1. हरियाणा रोडवेज की सामान्य बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने घोषणा की कि सत्याग्रहियों को हरियाणा रोडवेज की सामान्य बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इससे वे राज्य के किसी भी कोने में बिना किसी आर्थिक भार के यात्रा कर सकेंगे।
2. वॉल्वो बसों में किराए में 75% की छूट
हरियाणा रोडवेज की वॉल्वो बसों में सफर करने पर सत्याग्रहियों को 75% किराए की छूट मिलेगी। इससे वे आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का लाभ उठा सकेंगे।
3. आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज
सत्याग्रहियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के तहत वे राज्य के किसी भी सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पताल में नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इससे उनके स्वास्थ्य पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे बेहतर इलाज का लाभ उठा सकेंगे।
आपातकाल और हिंदी आंदोलन के सत्याग्रहियों का योगदान
हरियाणा के इतिहास में आपातकाल (1975-77) और हिंदी आंदोलन (1957) का विशेष महत्व रहा है। इन आंदोलनों में सत्याग्रहियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोकतंत्र और मातृभाषा के सम्मान के लिए संघर्ष किया था।
1. हिंदी आंदोलन – 1957
सन 1957 में हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने के लिए सत्याग्रह किया गया था। इस आंदोलन में हरियाणा के कई लोगों ने भाग लिया और जेल तक गए। सरकार ने अब उन मातृभाषा सत्याग्रहियों को सम्मान देने के लिए यह पेंशन योजना लागू की है।
2. आपातकाल का संघर्ष (1975-77)
जब 1975 में देश में आपातकाल लगाया गया था, तब लोकतंत्र की रक्षा के लिए कई लोगों ने संघर्ष किया। इन सत्याग्रहियों ने अधिकारों की बहाली और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जेल की यातनाएँ सही। इन्हीं लोकतंत्र सेनानियों को अब हरियाणा सरकार ने विशेष रूप से सम्मानित करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी की घोषणा पर सत्याग्रहियों की प्रतिक्रिया
हरियाणा सरकार की इस घोषणा से सत्याग्रहियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। कई लोकतंत्र सेनानियों ने सरकार के इस कदम की सराहना की और इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया।
गुरुग्राम के सत्याग्रही बलवीर सिंह ने कहा: “हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि सरकार ने हमारे संघर्ष को पहचाना और हमें सम्मान दिया। यह पेंशन बढ़ोतरी और मुफ्त सुविधाएँ हमारे जीवन को आसान बनाएंगी।”
पानीपत की सत्याग्रही विधवा सुनीता देवी ने कहा: “मेरे पति ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। सरकार द्वारा दी गई इस सम्मान राशि से हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और हम अपने जीवन को बेहतर बना सकेंगे।”
सरकार की अन्य योजनाएँ और भविष्य की योजनाएँ
हरियाणा सरकार केवल सत्याग्रहियों की पेंशन ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए और भी कई योजनाएँ लागू करने की तैयारी कर रही है।
1. सत्याग्रहियों के बच्चों को छात्रवृत्ति
सरकार सत्याग्रहियों के बच्चों को शिक्षा में सहयोग देने के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू करने की योजना बना रही है। इससे उनके परिवारों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
2. वरिष्ठ नागरिक योजनाओं में प्राथमिकता
इन लोकतंत्र सेनानियों को वरिष्ठ नागरिक योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे वे समाज में सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।
3. सत्याग्रहियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर
सरकार सत्याग्रहियों और उनके परिवारों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने की भी योजना बना रही है, जिसमें मुफ्त चिकित्सा जाँच और दवाइयाँ दी जाएँगी।
हरियाणा सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों, हिंदी आंदोलन-1957 के सत्याग्रहियों और आपातकाल के लोकतंत्र सेनानियों के लिए पेंशन राशि को दोगुना करना, मुफ्त यात्रा सुविधा और ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज जैसी घोषणाएँ एक ऐतिहासिक निर्णय हैं। इससे इन सत्याग्रहियों को न केवल आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि उन्हें समाज में उचित सम्मान भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी का यह कदम यह दर्शाता है कि सरकार उन लोगों को भूलने के लिए तैयार नहीं है जिन्होंने लोकतंत्र, स्वतंत्रता और मातृभाषा के लिए अपने जीवन को समर्पित किया। आने वाले समय में सरकार सत्याग्रहियों और उनके परिवारों के लिए और भी नई योजनाएँ ला सकती है, जिससे उनका जीवन और अधिक सुगम और सम्मानजनक हो सके।

















