हरियाणा अब केवल औद्योगिक या कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि अब यह नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी दमदार पहचान बना चुका है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल 117 यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स में से 19 की जड़ें हरियाणा में हैं। यह राज्य की अनुकूल कारोबारी नीतियों, दक्ष मानव संसाधन और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।Haryana Startup
हरियाणा सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में एक मजबूत इनक्यूबेशन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में 25 से अधिक इनक्यूबेटर कार्यरत हैं। इनमें से 10 से अधिक इनक्यूबेटर निजी क्षेत्र द्वारा चलाए जा रहे हैं, जबकि 10 को राज्य सरकार का समर्थन प्राप्त है।Haryana Startup
ये इनक्यूबेटर स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, पूंजी तक पहुंच, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 20 से अधिक संस्थानों ने भविष्य में नए इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की इच्छा भी व्यक्त की है, जिससे शुरुआती स्तर पर नवाचार को मजबूती मिलेगी।
इसी क्रम में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य का उद्देश्य सिर्फ स्टार्टअप को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि एक ऐसा आत्मनिर्भर और टिकाऊ स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करना है, जो स्थानीय विचारों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला सके। बैठक में रस्तोगी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि जमीनी स्तर से लेकर वैश्विक मंच तक नवाचार को प्रोत्साहित किया जाए।”
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा देश का 7वां सबसे बड़ा स्टार्टअप राज्य बन चुका है। यहां 8,800 से अधिक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप सक्रिय हैं। यह राज्य की आर्थिक विविधता, तकनीकी प्रगति और रोजगार निर्माण की दिशा में अहम कदम है।Haryana Startup
हरियाणा का यह बढ़ता हुआ स्टार्टअप परिदृश्य न केवल राज्य की आर्थिक नींव को मजबूत कर रहा है, बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनता जा रहा है कि सही नीतियों और समर्थन के साथ कैसे नवाचार को जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है।Haryana Startup

















