चंडीगढ़: एनसीआर क्षेत्र के हरियाणा जिलों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। इस योजना के अनुसार, 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन देने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।Haryana News
गुरुग्राम के करीब 850 पेट्रोल पंपों पर लागू होगी, जिसके बाद फरीदाबाद, पलवल, झज्जर, सोनीपत, पानीपत और रेवाड़ी में भी इसका विस्तार किया जाएगा। Haryana News
जल्द ही ऐसे वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा जो तय उम्र सीमा पार कर चुके हैं या फिटनेस मानकों पर खरे नहीं उतरते। Haryana News
जानिए क्या है योजना: बता दे कि इस योजना के अनुसार, 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन देने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। हरियाणा परिवहन विभाग ने इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर मुख्यमंत्री नायब सैनी के अनुमोदन के लिए भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि पहले चरण में यह व्यवस्था गुरुग्राम के करीब 850 पेट्रोल पंपों पर लागू होगी, जिसके बाद फरीदाबाद, पलवल, झज्जर, सोनीपत, पानीपत और रेवाड़ी में भी इसका विस्तार किया जाएगा। Haryana News
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा और हरियाणा तकनीकी निगरानी के जरिए प्रदूषण नियंत्रण करने वाला देश का अग्रणी राज्य बनेगा। NCR
जानिए ये कैसे काम करता है:Haryana News
इमेज कैप्चर: कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट की तस्वीरें लेते हैं।
OCR तकनीक: विशेष सॉफ्टवेयर नंबर प्लेट पर बने अक्षरों और संख्याओं को डिजिटल टेक्स्ट में बदलता है।
डेटाबेस मिलान: निकाले गए नंबर प्लेट डेटा को परिवहन विभाग जैसे डेटाबेस से मिलाया जाता है, ताकि वाहन मालिक, रजिस्ट्रेशन और अन्य विवरण प्राप्त हो सकें।
मुख्य उपयोग:
यातायात प्रबंधन: यातायात प्रवाह का विश्लेषण करने और लाल बत्ती उल्लंघन जैसे अपराधों का पता लगाने के लिए।
कानून प्रवर्तन: गति सीमा उल्लंघन, वाहन बीमा और कर की स्थिति की जांच करने और अपराधियों का पता लगाने के लिए।
टोल संग्रह: इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ETC) सिस्टम के लिए स्वचालित रूप से टोल शुल्क काटने हेतु।
पुराने वाहनों की पहचान: दिल्ली जैसे शहरों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए पुराने वाहनों की पहचान करने के लिए, जैसा कि हाल ही में पेट्रोल पंपों पर यह प्रणाली स्थापित की गई है।Haryana News
यह व्यवस्था दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।नई योजना के तहत प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर एआई तकनीक से लैस ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे।Haryana News
जैसे ही कोई वाहन पंप पर पहुंचेगा, कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन करेगा और उससे जुड़ी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। NCR
यदि वाहन तय अवधि से पुराना होगा या उसकी फिटनेस अमान्य होगी, तो स्क्रीन पर संदेश आएगा—“इस वाहन को ईंधन न दें।” इससे फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर रोक लगेगी।
वाहन चालक कर रहे है विरोध: यह भी सामने आया है कुछ वाहन मालिक इस कदम का विरोध कर सकते हैं, विशेषकर वे जिनकी गाड़ियां पुरानी जरूर हैं परंतु अभी भी अच्छी स्थिति में हैं।
इस वर्ग को राहत देने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है ताकि नीति के लागू होने से आम जनता को असुविधा न हो और प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्य पर असर न पड़े।

















