Weather Update: देश में मौसम ने करवट ले ली है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंड तेजी से बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में 15 नवंबर तक शीतलहर (Cold Wave) का अलर्ट जारी किया है। वहीं दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आज और कल हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फ़बारी (Snowfall) का दौर शुरू होने वाला है।
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फ़बारी की संभावना है। लाहौल-स्पीति, मनाली, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे क्षेत्रों में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। मसूरी और नैनीताल में भी ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। उत्तराखंड के कई पहाड़ी जिलों में शीतलहर और बर्फबारी के चलते स्कूलों में छुट्टियां तक घोषित की जा सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे उत्तर भारत में ठिठुरन बढ़ेगी।
दिल्ली-एनसीआर में ठंड के साथ प्रदूषण की समस्या और बढ़ गई है। बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का AQI 418 दर्ज किया गया, जो “गंभीर श्रेणी (Severe Category)” में आता है। घना कोहरा और स्मॉग के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे लोगों को सफर में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। वहीं, दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू कर चुकी है।
उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन के समय धूप निकलने से मौसम सामान्य बना हुआ है, लेकिन रात और सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की कमी आई है। मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की शीतलहर महसूस की जाएगी। दूसरी ओर, बिहार में सुबह-शाम धुंध और दिन में हल्की गर्माहट का दौर जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिसंबर से ठंड में तेजी आएगी। वहीं, दक्षिण भारत के राज्यों केरल, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार में अगले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम में यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और दक्षिणी ट्रफ लाइन के प्रभाव से देखा जा रहा है।

















