Haryana Weather Today: हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है. गर्मी से राहत दिलाते हुए आसमान में बादल छाए हुए हैं और कई जिलों में बारिश की बौछारें देखने को मिली हैं. मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. इस चेतावनी के अनुसार बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है.
कई जिलों में हो चुकी है हल्की बारिश
1 जून को हरियाणा के गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद, चरखी दादरी, भिवानी और झज्जर जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई. वहीं नारनौल में तेज हवाओं के कारण पेड़ सड़क पर गिर गए. जिससे स्थानीय यातायात पर असर पड़ा. इन मौसमी बदलावों के बीच गर्मी से लोगों को राहत जरूर मिली है.
मंगलवार को 16 जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को हरियाणा के 16 जिलों में बारिश हो सकती है. साथ ही, 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज के भी संकेत हैं. जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
पिछले सप्ताह का वर्षा रिकॉर्ड: पानीपत में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले एक सप्ताह के मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो भिवानी को छोड़कर लगभग सभी जिलों में अच्छी बारिश हुई है. इनमें पानीपत जिले में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई. जिसने पूरे क्षेत्र में तापमान को कुछ हद तक कम किया.
इन जिलों में गिर सकता है पारा
बारिश और तेज हवाओं की वजह से अगले कुछ दिनों तक हरियाणा के कई जिलों में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है. गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह एक राहत की खबर है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जहां पिछले हफ्तों में लू और अधिकतम तापमान ने रिकार्ड तोड़ दिए थे.
मौसम विभाग की चेतावनी: सतर्क रहें ग्रामीण और शहरी क्षेत्र
यलो अलर्ट के चलते किसानों, ग्रामीणों और शहरी निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान बिजली गिरने का खतरा और शहरी इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. विभाग की सिफारिश है कि लोग अनावश्यक बाहर न निकलें और बिजली के खंभों या पेड़ों से दूर रहें.
यलो अलर्ट क्या है और इसका क्या मतलब होता है?
यलो अलर्ट का मतलब होता है कि मौसम की स्थिति सामान्य से अलग हो सकती है, लेकिन वह सीधी आपदा जैसी स्थिति नहीं बनाती. हालांकि यह संकेत देता है कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए और असुविधाओं के लिए तैयार रहना चाहिए, जैसे –
सड़क पर फिसलन
पेड़ों का गिरना
ट्रैफिक बाधा
बिजली से जुड़ी समस्याएं
अगले 48 घंटे अहम, अलर्ट को हल्के में न लें
मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं. अगर हवा की गति और वर्षा का पैटर्न तेज होता है, तो रेड या ऑरेंज अलर्ट में भी तब्दीली हो सकती है. ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.

















