Rah-veer Yojana: हरियाणा के पलवल जिले में अब केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की “राह-वीर योजना” को लागू कर दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ यानी हादसे के एक घंटे के अंदर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाता है तो उसे ₹25,000 की नगद राशि इनाम के रूप में दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि हादसों में समय रहते घायल व्यक्ति को बचाने के लिए लोग आगे आएं और बिना डर सहायता करें।Rah-veer Yojana
गंभीर सड़क हादसों में वे घटनाएं शामिल होंगी जिनमें पीड़ित की हालत इतनी नाजुक हो कि उसे बड़ी सर्जरी करानी पड़े या उसे कम से कम तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़े। इसके अलावा सिर की चोट, रीढ़ की हड्डी में चोट जैसे मामले भी इसमें शामिल हैं। योजना का मकसद है आम नागरिकों को ऐसे समय पर मदद के लिए प्रोत्साहित करना जब एक जिंदगी सिर्फ समय पर सहायता से बच सकती है।Rah-veer Yojana
कानूनी सुरक्षा भी मिलेगी ‘राह-वीर’ को
इस योजना के अंतर्गत सहायता करने वाले व्यक्ति यानी ‘राह-वीर’ को कानूनी सुरक्षा भी दी जाएगी। मोटर व्हीकल (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 134-A और भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 29 सितंबर 2020 के तहत कोई भी व्यक्ति अगर किसी गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाता है तो उसे किसी प्रकार की पुलिस जांच या कानूनी कार्यवाही से डरने की जरूरत नहीं है। उसे ₹25,000 की राशि के साथ एक प्रशंसा पत्र भी दिया जाएगा।
जानिए कैसे मिलेगा इनाम और कैसे होगा बंटवारा
बिजेंद्र कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि एक ही घायल को एक से अधिक राह-वीर मिलकर अस्पताल पहुंचाते हैं तो इनाम की राशि यानी ₹25,000 को बराबर-बराबर बांटा जाएगा। लेकिन यदि एक राह-वीर एक से अधिक घायलों को बचाता है तो उसे प्रति घायल ₹25,000 तक की राशि मिल सकती है, हालांकि किसी एक राह-वीर को अधिकतम ₹25,000 ही मिलेगा। इसके साथ सभी को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा जिससे उनकी समाज सेवा को मान्यता मिलेगी और अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।
राह‑वीर योजना” केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक मानवीय पहल है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायल व्यक्ति की गोल्डन ऑवर (पहले एक घंटे) में अस्पताल तक समय पर पहुंचाने वालों को प्रेरित करना है —— इसके बदले नागरिकों को ₹25,000 नगद पुरस्कार और प्रशस्तिपत्र दिया जाता है
इस योजना की क्या है फायदा
प्रोत्साहन राशि: ₹25,000 नगद पुरस्कार और प्रशस्तिपत्र, यदि व्यक्ति घायलों को दुर्घटना के एक घंटे (गोल्डन ऑवर) के भीतर अस्पताल/ट्रॉमा सेंटर पहुंचाता है
कानूनी सुरक्षा: मोटर वाहन अधिनियम 2019 की धारा 134A एवं भारत सरकार (29 सितम्बर 2020) द्वारा जारी अधिसूचना के तहत सहायता करने वाले राह‑वीर को कानूनी संरक्षण प्राप्त है
वार्षिक सीमा: एक व्यक्ति इस इनाम को प्रति वर्ष अधिकतम पाँच बार प्राप्त कर सकता है
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अवधि: यह योजना 21 अप्रैल 2025 से लागू हुई और 31 मार्च 2026 तक चलेगी (हरियाणा सहित कई राज्यों में)
राज्यों में इसकी स्थिति
हरियाणा: योजना लागू, एक व्यक्ति प्रति वर्ष पाँच बार पुरस्कार प्राप्त कर सकता है; सहायता के सात दिन के भीतर आय राशि बैंक खाते में ट्रांसफर और प्रशस्तिपत्र जारी होती है
उत्तर प्रदेश: लखनऊ समेत सम्पूर्ण प्रदेश में लागू; पूर्व ₹5,000‑₹25,000 बढ़ाया गया, गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुँचने पर पुरस्कार मिलता है
मध्य प्रदेश: इस योजना को लागू किया गया है; राह‑वीरों को सम्मानित करने पर पुलिस द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा और उचित मूल्यांकन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है
ओडिशा: राज्य सरकार ने ₹2,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की पुरस्कार राशि की घोषणा की; जिला स्तर पर उप‑समिति गठित की जाएगी और भुगतान सात दिन में बैंक खाता में किया जाएगा
📝 आवेदन प्रक्रिया
दुर्घटना की सूचना अस्पताल द्वारा पुलिस को दी जाती है, साथ ही मदद करने वाले नागरिक को भी सूचना की एक प्रति दी जाती है।
मददगार व्यक्ति को आवश्यक जानकारी और प्रमाणपत्र (घटना स्थान, अस्पताल, थाने की स्थिति आदि) जिला स्तर की समिति में जमा करना होता है।
जिला समिति (जिसमें डीएम, एसपी, सीएमओ/एसएमओ और DTO सदस्य होते हैं) मासिक समीक्षा करके निर्णय लेती है।
चयनित राह‑वीर को सात दिनों के भीतर बैंक खाते में ₹25,000 ट्रांसफर किए जाते हैं और प्रशस्तिपत्र दिया जाता है

















