Breaking newsधारूहेड़ा: लोगों की समस्याओ के समाधान के लिए बनाया गया पोर्टल सफेद हाथी बनता जा रहा है। आलम यहां तक है कि जिला उपायुक्त के आदेश भी दरकिनार किए जा रहे है। इसी से परेशान पर सीएम विंडों के एमिनेट पर्सन दीपक यादव ने सीएम को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।Breaking news
दीपक यादव का आरोप है बीडीपीओ धारूहेड़ा बिना हस्ताक्षर वाली शिकायतों को जानबूझकर अपलोड करवा रहा है, जिससे शिकायतों के निस्तारण में समय लिया जा सके और मामले को टालने (टाइम पास) का अवसर मिलता रहे। यह प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के विपरीत और संदेहास्पद बताई जा रही है।Breaking news

बता दे कि उपायुक्त रेवाड़ी एवं निदेशक, पंचायत विभाग द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया गया था कि बिना एमिनेंट पर्सन (प्रतिष्ठित व्यक्ति) के हस्ताक्षर के कोई भी शिकायत अपलोड नहीं की जाएगी। इसके बावजूद धारूहेड़ा में बीडीपीओ की ओर से लगातार आदेशों की अवहेलना की जा रही है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन शिकायतों का पिछले तीन वर्षों में निवारण नहीं हो सका, अब उन्हीं शिकायतों को अचानक जल्दबाज़ी में बिना जांच रिपोर्ट के ही अपलोड किया जा रहा है। इससे यह आशंका गहराती जा रही है कि शिकायतों को वास्तविक रूप से हल करने के बजाय केवल फाइलों में निस्तारित दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।Breaking news
जानिए क्या है नियम: सीएम विंडो पर आई शिकायत के निवारण के लिए के एटीआर पर एनीमेंट पर्सन के हस्ताक्षर के बाद ही उसे पोर्टल पर लोड किया जाएगा। अगर बिना साइन लोड की जो वह समाधान नही माना जाएगा।
उपायुक्त रेवाड़ी
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उनका आरोप है यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि उच्च अधिकारियों के आदेशों की सीधी अवहेलना भी है। उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषी अधिकारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। कार्रवाई की मांग को लेकर सीएम को शिकायत भेजी है।
दीपक यादव, एमिनेंट पर्सन, धारूहेड़ा
जो एक्शन टेकन रिपोर्ट पोर्टल पर लोड होगी उस पर एमिनेंट पर्सन के हस्ताक्षर जरूरी है। संबंधित टीम को बोल दिया गया है कि वे साइन करवाने के बाद ही पोर्टल पर एटीआर लोड करें। पहले जो की है उसे दोबारा करवा दिया जाएगा।
सुरजीत सिंह, बीडीपीओ धारूहेडा
















