Haryana News: हरियाणा सरकार ने हाल ही में हुए धान घोटाले के बाद बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। इस घोटाले के उजागर होने के बाद अनाज मंडियों में खरीद व्यवस्था की पूरी प्रक्रिया अब एक विशेष एजेंसी को सौंप दी गई है। यह एजेंसी गेटपास कटने से लेकर खाद्यान्नों की जांच, तुलाई, बोरी पर बार कोडिंग और मिलों में खाद्यान्न के पहुंचने तक हर गतिविधि पर नजर रखेगी। गेटपास की वेरिफिकेशन भी एजेंसी करेगी ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके।
“मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल से जुड़ी पंजीकरण व्यवस्था
अब “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर दर्ज फसल का पंजीकरण सीधे विभाग के पास जाएगा। इससे विभाग को फसल की पूरी जानकारी मिलती रहेगी और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। एजेंसी हायर करने के लिए एसीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं ताकि जल्द से जल्द इस व्यवस्था को लागू किया जा सके।
निगरानी और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन
एसडीएम डी सुरेश ने बताया कि अगले सीजन तक यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेश नागर ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विभाग की खरीद प्रक्रिया पर पूरी निगरानी रखी जाएगी। धान खरीद में जिन अधिकारियों ने गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
एफआईआर दर्ज और कर्मचारियों की निलंबन
विभाग लगातार जांच कर रहा है और डीजी की रिपोर्ट आने के बाद घोटाला करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। कई कर्मचारियों को निलंबित भी किया जा चुका है ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों की पुनरावृत्ति न हो।
बारकोड से होगी फसल की ट्रैकिंग
आगामी सीजन में रबी और खरीफ की फसल की खरीद के दौरान हर बोरी पर बारकोड लगाया जाएगा। इससे फसल की ट्रैकिंग संभव होगी और पता चलेगा कि फसल किस मिल में भेजी गई है। इस कदम से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

















