हरियाणा: अब बैंक से कर्ज लेने के पहले सिविल क्रेडिट रिपोर्ट के लिए बैंकों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगा, यह सुविधा अब कॉमन सर्विस सेंटर पर ही मिलेगी। इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करवाना होगा। लोगों को स्वरोजगार व सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक से कर्ज लेने से पूर्व अपनी सिविल क्रेडिट रिपोर्ट की आवश्यकता होती है।
इसकी जांच करवाने की सुविधा कॉमन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध कराई गई है। यह सुविधा प्रदान करने के लिए आईटी मंत्रालय के अधीन कार्यरत कॉमन सर्विस सेंटर को अधिकृत किया गया है। कोई भी व्यक्ति जो बैंक से लोन लेना चाहते हैं, उन्हें अब सिविल रिपोर्ट ठीक रखना होगा।
किस प्रकार निकाल सकते हैं सिविल स्कोर
कॉमन सर्विस सेंटर के केंद्र प्रभारी अजय भालोठिया ने बताया कि बैंकों का सिविल स्कोर निकालना बहुत आसान हो गया है उन्होंने बताया कि सिविल स्कोर जिस व्यक्ति का जितना ज्यादा होता है वह व्यक्ति कभी भी लोन प्राप्त करने के लिए अच्छा क्रेडिट रखता है और उन्हें लोन मिलने में आसानी होगी।
किसी भी नजदीकी सीएससी सेंटर में कोई भी व्यक्ति आधारित प्रोसेस पूरा कर स्कोर निकाल सकते हैं। सबसे पहले सीएससी सेंटर के वीएलई किसी भी ग्राहक से जानकारी लेकर अपने डेशबोर्ड से ग्राहक की जानकारी को फार्म में भरकर सबमिट करेंगे इसके बाद ग्राहक के आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से ओटीपी के माध्यम से सत्यापित होगा।
सत्यापित फोन होते ही ग्राहक का सिविल रिपोर्ट निकल जाएगा। यह रिपोर्ट 1 साल के लिए मान्य होगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी ग्राहक का सिविल रिपोर्ट नहीं निकलता है तो इसका मतलब है कि उसके सिविल में कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, ऐसे में ग्राहक को कुछ दिन इंतजार करना होगा।
इस प्रकार बढ़ा सकते हैं स्कोर:
सिविल स्कोर तीन अंकों की एक संख्या है। इस पर आधारित एक रिपोर्ट बनती है। इसमें व्यक्ति की पूरी क्रेडिट हिस्ट्री होती है-जिसमें क्रेडिट कार्ड या लोन अकाउंट उनके पेमेंट का स्टेटस और उन्हें चुकाने में बचे दिन का सिलसिलेवार उल्लेख होता है।
स्कोर कर्ज लेने की पात्रता को दर्शाता है। यह लोन को आधा करने के पिछले रिकॉर्ड और आपकी उसे लौटाने की क्षमता पर आधारित होती है। यह जितना ज्यादा होता है लोन मिलने की संभावना उतनी बढ़ जाती है।।

















