रेवाड़ी:रेवाड़ी का बनीपुर गांव गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा है। करीब 20 वर्षों से दूषित पानी पीने के कारण गांव की 70% आबादी फ्लोरोसिस, जोड़ों के दर्द और अपंगता जैसी समस्याओं से जूझ रही है। फैक्टरियों के रसायनयुक्त अवशेष भूजल में मिल जाने से स्थिति और बिगड़ गई है।
दिल्ली–जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 48 से सटे बनीपुर गांव की कहानी बाहर से शांत दिखती है, लेकिन गांव के भीतर हालात बेहद भयावह हैं। आईएमटी बावल की स्थापना के बाद आसपास की फैक्टरियों के रसायनयुक्त पानी ने भूजल को इस कदर प्रदूषित कर दिया कि आज गांव का हर दूसरा परिवार किसी न किसी शारीरिक अपंगता से जूझ रहा है।Haryana News
करीब 3,500 आबादी वाले इस गांव में 70 प्रतिशत लोग बीते दो दशकों से फ्लोराइडयुक्त पानी की वजह से गठिया, जोड़ों के दर्द और फ्लोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में हैं। सबसे अहम बात यह है प्रशासन को सारे मामले का पता होने के बावजूद इसको लेकर कोई गंभीर नही है।ै बनीपुर गांव की यह स्थिति साफ बताती है कि पानी की गुणवत्ता किस तरह पूरी पीढ़ी के स्वास्थ्य, सपनों और भविष्य को नष्ट कर सकती है। Haryana News
पानी खरीदकर पीने को मजबूर: गांव के सरपंच पवन कुमार के अनुसार, साल 2016-17 में जेटीईकेटी सोना कंपनी ने सीएसआर के तहत दलित बस्ती में एक आरओ प्लांट लगवाया था और रियायती पानी के लिए टोकन भी जारी किए थे। कुछ समय तक स्थिति ठीक रही, लेकिन बिजली खर्च 60-70 हजार रुपये मासिक पहुंचने पर प्लांट बंद हो गया। दो वर्ष पहले सरपंच बनने के बाद पवन कुमार ने अपने स्तर पर बिल भरकर आरओ दोबारा शुरू कराया और पानी मुफ्त कर दिया। हालांकि, इसका लाभ केवल 300 लोगों तक सीमित है, जबकि बाकी गांव आज भी कैंपर का पानी खरीदने को मजबूर है।Haryana News
पीने के पानी से हुए बीमार: गांव के रण सिंह लोर बताते हैं कि समस्या 20 साल पहले शुरू हुई, जब लगातार जोड़ों में दर्द और गठिया के मामलों से पता चला कि पानी में फ्लोराइड की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी है। वर्ष 2007 में पानी की जांच में टीडीएस 1000 से भी ऊपर पाया गया। आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों ने आरओ लगवा लिए, जबकि दिहाड़ी मजदूर और गरीब परिवार अब भी इसी दूषित पानी को पीने को मजबूर रहे — आज सबसे अधिक बीमार वही लोग हैं।Haryana News
छात्रा की कहानी इस त्रासदी की गहराई को दर्शाती है। बीए प्रथम वर्ष की छात्रा कंचन पुलिस में भर्ती होना चाहती है, लेकिन फ्लोराइडयुक्त पानी ने उसके घुटनों में लगातार दर्द और कमजोरी पैदा कर दी है। उसे डर है कि वह फिजिकल टेस्ट भी पास नहीं कर पाएगी। उसकी बहन वर्षा और छोटे भाई रमन के हाथ-पैर सुन्न होने और चलने-फिरने में दिक्कत की शिकायतें आम हो चुकी हैं। Haryana News
















