Breaking news:;हिमाचल प्रदेश के कई टोल प्लाजा अब वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। प्रदेश में ऑटोमेटिक चालान कटने की बढ़ती घटनाओं से आम लोग खासे परेशान हैं। कांगड़ा जिले के रानीताल (घट्टा) टोल प्लाजा और सोलन जिले में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां वाहन के सभी दस्तावेज पूरे और वैध होने के बावजूद चालकों को मोबाइल फोन पर भारी-भरकम जुर्माने के संदेश मिल रहे हैं।
खास तौर पर बीमा वैध होने के बाद भी बार-बार इंश्योरेंस न होने के चालान भेजे जाने से वाहन चालकों में रोष और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वाहन चालकों का कहना है कि टोल प्लाजा पर लगे कैमरे और ऑटोमेटिक सिस्टम किस आधार पर बीमा संबंधी चालान काट रहे हैं, यह समझ से परे है। चालकों का तर्क है कि कैमरे वाहन की गति मापने या नंबर प्लेट पहचानने में सक्षम हो सकते हैं, लेकिन बीमा जैसे दस्तावेज की वैधता जांचने में सिस्टम पूरी तरह से फेल नजर आ रहा है।
मोबाइल पर अचानक चालान का मैसेज आते ही चालक मानसिक तनाव में आ जाते हैं और उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।
ताजा विवाद कांगड़ा जिले के रानीताल (घट्टा) स्थित टोल प्लाजा से जुड़ा है। यहां से गुजरने वाले कई वाहन चालकों ने तकनीकी खामी के चलते गलत चालान कटने की शिकायतें की हैं। पीड़ित चालकों का कहना है कि वे नियमित रूप से सभी दस्तावेज अपडेट रखते हैं, फिर भी उन्हें ऑनलाइन चालान भेज दिए जा रहे हैं। इससे न केवल समय और पैसा बर्बाद हो रहा है, बल्कि सरकारी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हुए एक टैक्सी चालक ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह मात्र 400 रुपए की सवारी लेकर जा रहा था, लेकिन घट्टा बैरियर पार करते ही उसके मोबाइल पर 2000 रुपए के चालान का मैसेज आ गया। चालक के अनुसार उसकी गाड़ी का बीमा दिसंबर 2026 तक वैध है और सभी कागजात सही हैं। इसी तरह एक अन्य वाहन चालक को भी इंश्योरेंस वैध होने के बावजूद 2000 रुपए का ऑनलाइन चालान भेज दिया गया।
वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि टोल प्लाजा पर लगे ऑटोमेटिक चालान सिस्टम की तुरंत जांच कराई जाए और तकनीकी खामियों को दूर किया जाए। साथ ही गलत तरीके से कटे चालानों को रद्द कर वाहन चालकों को राहत दी जाए, ताकि भविष्य में आम जनता को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

















