Haryana : रेवाड़ी। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरवीर ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के हालिया बयानों को लेकर एक बार फिर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। गांव खेड़ा आलमपुर में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे राव नरवीर ने कहा कि देश में शायद यह पहला मामला है जहां पिता केंद्र में मंत्री हों और बेटी प्रदेश में मंत्री हो। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने राव इंद्रजीत सिंह को बहुत कुछ दिया है और उनकी कौन सी इच्छा बाकी रह गई, यह उन्हें खुद भी नहीं पता।Haryana
सीएम पद पर बयान: राव नरबीर ने आरती राव के उस दावे पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने (आरती राव ने) कथित तौर पर अपने पिता को मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात कही थी। नरबीर ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का चयन पार्टी का नेतृत्व करता है, न कि एक, दो या पाँच विधायक मिलकर।
तीसरी बार सत्ता मिली जनता का विश्वास: मंत्री ने अहीरवाल के साथ भेदभाव से जुड़े बयान पर कहा कि किसी एक नेता के कहने से चुनाव नहीं जीते जाते। अहीरवाल की जनता ने भाजपा की नीतियों पर भरोसा जताया, इसी कारण पार्टी को लगातार तीसरी बार सत्ता मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का चयन व्यक्तिगत दबाव या कुछ विधायकों के समर्थन से नहीं होता, बल्कि यह पार्टी का सामूहिक और सर्वोच्च निर्णय होता है।
प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव द्वारा दिए गए वजूद खत्म होने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राव नरवीर ने कहा कि उनका भी राजनीतिक वजूद है और वह इसे नकार नहीं रहे हैं, लेकिन यह भी सही है कि सारा वजूद किसी एक व्यक्ति का नहीं होता। भाजपा की मजबूती उसकी संगठनात्मक संरचना और नीतियों से आती है, न कि किसी एक चेहरे से।
आम आदमी को समर्पित होगा बजट: पार्टी में छेद करने के आरोपों पर उन्होंने साफ कहा कि वह पार्टी की रीति-नीति के अनुसार ही कार्य कर रहे हैं और किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा रहे। आगामी बजट को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी आम जनता से फीडबैक ले रहे हैं और इस बार का बजट आम आदमी को समर्पित होगा।Haryana
कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए राव नरवीर ने कहा कि पहले पर्ची-खर्ची के आधार पर नौकरियां मिलती थीं, लेकिन अब योग्यता के आधार पर भर्ती हो रही है। इसका लाभ अहीरवाल के युवाओं को भी मिला है, जिन्हें बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां प्राप्त हो रही हैं।
राव नरबीर सिंह की कितनी है पावर: बादशाहपुर सीट से चुनाव जीते राव नरबीर सिंह इलाके के बड़े नेता कहे जाने वाले राव इंद्रजीत सिंह के धुर विरोधी रहे हैं। पूरे इलाके में राव नरबीर ही इकलौते ऐसे नेता हैं, जिन्होंने अपने दम पर न केवल हाईकमान से सीधे टिकट हासिल की, बल्कि इस इलाके में सबसे बड़ी जीत भी दर्ज की है। नरबीर सिंह 2014 में मनोहर लाल खट्टर की सरकार में पावरफुल कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उनके सीधे हाईकमान से अच्छे संबंध है।
उनकी कैबिनेट मंत्री के पद पर दावेदारी काफी मजबूत है। इसकी दूसरी वजह उनका राव इंदजीत सिंह का विरोधी होना भी है। 10 विधायकों में राव इंद्रजीत सिंह के धुर विरोधी में इकलौते राव नरबीर ही है। भाजपा ने नरबीर को मंत्री बनाकर इलाके में राव इंद्रजीत सिंह के बराबर नेता खड़ा किया है।
राव इंद्रजीत सिंह सीएम पद पर ठोक चुके दावा: चुनाव से पहले और बाद में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह कई बार सीएम पद को लेकर दावा ठोक चुके हैं। हालांकि भाजपा ने चुनाव से पहले कहा था कि सरकार आने पर नायब सैनी ही मुख्यमंत्री होंगे। अहीरवाल इलाके से भाजपा को मिली बड़ी बढ़त के बाद राव इंद्रजीत सिंह की विधायकों के साथ एकजुटता के बाद उन्हें सफाई तक देनी पड़ी कि वह और सभी विधायक भाजपा के साथ हैं।
असल में, 14 जनवरी को राजस्थान के झुंझुनूं में हुए एक कार्यक्रम के दौरान राव इंद्रजीत ने कहा था-‘हमने बार-बार सरकारें बनवाई, लेकिन कभी वाजिब इनाम नहीं मिला।’ राव इंद्रजीत के इस भाषण की वीडियो भी काफी वायरल हो रही है।
इंद्रजीत बोले थे- दूसरों के बारे में बोलने का हक नहीं
राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुग्राम में बिना नाम लिए राव नरवीर सिंह को जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि जो व्यक्ति खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में रहा हो, उसे दूसरों के बारे में बोलने का हक नहीं हो सकता। राव इंद्रजीत सिंह दक्षिणी हरियाणा में भाजपा को मिली जीत का श्रेय भी खुद लेते रहे हैं।

















