Bhiwadi Blast: भिवाड़ी के खुशखेड़ा-करौली औद्योगिक क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट से सात श्रमिक जिंदा जल गए। सात श्रमिकों की बली चढाने के बाद अब विजिलेंस विभाग व प्रशासन की नींद टूटी हैं। इसी को लेकर अब जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस के एएसपी सुरेश जैफ और डीएसपी लक्ष्मीकांत शर्मा गुरुवार शाम को भिवाड़ी पहुंचे और उसी रात से जांच शुरू कर दी।
कार्यालय का दौरा : बता दे कि टीम ने शुक्रवार थाना खुशखेड़ा और एसपी कार्यालय भिवाडी का दौरा किया। यहां उन्होंने डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (DST) विंग से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई। इसमें DST में तैनात पुलिसकर्मियों का पदस्थापन, स्थानांतरण और उनकी भूमिका का विवरण शामिल था।Bhiwadi Blast
ड्यूटी का रिकॉर्ड देखा: विजिलेंस टीम ने DST प्रभारी मुकेश वर्मा और हेड कांस्टेबल योगेश शर्मा की ड्यूटी का रिकॉर्ड भी खंगाला। इसके अतिरिक्त, उन होटल या सोसाइटी के कमरों/फ्लैट्स की भी जांच की गई, जहां कथित तौर पर पुलिसकर्मी और फैक्ट्री संचालक मिलकर अवैध रैकेट चला रहे थे।
लिसकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ जारी: विजिलेंस टीम अब सभी संबंधित पुलिसकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।Bhiwadi Blast
गोपनिय जांच: विजिलेंस एसपी सुरेश जैफ ने बताया कि यह एक गोपनीय जांच है और सभी तथ्यों की पड़ताल के बाद ही रिपोर्ट तैयार होगी। लेकिन लोगेा का आरोप है अगर प्रशासन जांच ही करता तो ये अवेध पटाखा कपनी ही नही चलती। प्रशासन की नाक के लते सरेआम बिना अनुमति पटाखे बनाए जा रहे है। जब सात श्रमिकों की बली चढ चुकी है तो प्रशासन जांच कर रहा है।

















