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आखिर कैसे सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए थे Pandit Pradeep Mishra ?

On: March 20, 2024 7:33 AM
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Pandit Pradeep Mishra: पंडित प्रदीप मिश्रा बोल-चाल की भाषा में शिवपुराण सुनाते हैं. उनके बोलने की शैली की श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. कुछ दिन पहले पंडित मिश्रा सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए थे. आज उसके कार्यक्रम में अथाह भी उमड रही है। रेवाडी में चल रहे कार्यक्र में 35 एकड का पंडाल भी छोटा पड गया है।

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पास होने का बताया था मंत्र: Pandit Pradeep Mishra  कहा कि जिस सब्जेक्ट के एग्जाम के दिन वह यह काम करेगा, उसे पास होने से उसे कोई रोक नहीं सकता. बोर्ड परीक्षा से पहले उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल किया था.

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वे दावा कर रहे थे कि आपका बच्चा परीक्षा देने जा रहा है और आपको लग रहा है कि उसने पढ़ाई नहीं की और पास नहीं होगा तो बेल पत्र के बीच वाली पत्ती पर शहद लगाई. इसके बाद बच्चे के हाथ से इस पत्ती को शिवलिंग पर चिपकवा दीजिए.

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फॉलोवर्स की आई बाढ: धीरे-धीरे उनके फॉलोवर्स बढ़ते गए.  Pandit Pradeep Mishra उनके बताए धार्मिक अनुष्ठान लोग करने लगे. पं. मिश्रा एक चैनल पर भजन और आरती भी प्रस्तुत करते हैं. इतनी फॉलोविंग की वजह से रुद्राक्ष महोत्सव में एक साथ लाखों लोग शामिल होने पहुंच गए. भीड़ की वजह से उन्हें खुद यह महोत्सव स्थगित करना पड़ा.

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PANDIT PRADEEP MISHRA

जानिए कौन है Pandit Pradeep Mishra : प्रदीप मिश्रा का जन्म 16 जून 1977 को सीहोर के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. पढ़ाई पूरी करने के बाद माता सीता और पिता रामेश्वर मिश्रा के साथ भजन-कीर्तन, सुंदरकांड, सत्संग और सत्यनारायण भगवान की कथा करने लगे. पहले छोटे-छोटे प्रोग्राम करते थे. धीरे-धीरे उनका दायरा बढ़ा.

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Pandit Pradeep Mishra  पहले सीहोर में ही कथा और भजन करते थे. धीरे-धीरे वे फेमस होते गए. आज उन्हें अंतरराष्ट्रीय कथावाचक के रूप में जाना जाता है. उन्हें सीहोर से गहरा लगाव है, इसलिए नाम के पीछे सीहोर वाले लगाते हैं.

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फिर भागवत कथा का वाचन करने लगे. उन्होंने सभी ज्योतिर्लिंगों की यात्रा की. इस दौरान उन्हें शिवपुराण का वाचन करने की प्रेरणा मिली. कोरोना संक्रमण के बीच वे ऑनलाइन शिवपुराण की कथा सुनाने लगे. देखते ही देखते लाखों लोग उनसे ऑनलाइन जुड़ने लगे.

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

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