श्रीलंका: श्रीलंका में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता Holy Gita महोत्सव हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया। सभी देशों की संसद में पवित्र ग्रंथ गीता को स्थापित करने के लिए पवित्र ग्रंथ गीता की प्रति सौंपी गई है।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयास से ही श्रीलंका में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव के सफल आयोजन के बाद श्रीलंका की संसद में स्थापित करने के लिए श्रीलंका लोकसभा के अध्यक्ष को पवित्र ग्रंथ गीता की प्रति सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री की सोच है कि हरियाणा की पावन धरा कुरुक्षेत्र में दिए गए गीता के उपदेशों को विश्व के हर मानव तक पहुंचाया जाए। इस विषय को लेकर ही हर साल अलग-अलग देशों में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है और सभी देशों की संसद में पवित्र ग्रंथ गीता को स्थापित करने के लिए पवित्र ग्रंथ गीता की प्रति सौंपी गई है।
गीता के उपदेशों से आत्मसात होने का मिलेगा अवसर
इस ग्रंथ के माध्यम से अब श्रीलंका के प्रत्येक नगरवासी को पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों के बारे में श्रीलंका सरकार की तरफ से जानकारी दी जाएगी और प्रत्येक मनुष्य को गीता के उपदेशों से आत्मसात होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और केडीबी के सहयोग से मॉरीशस, लंदन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का सफल आयोजन किया जा चुका है।
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का किया आयोजन
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल और कुरुक्षेत्र 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार और केडीबी के सहयोग से श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक से तीन मार्च तक अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ साथ प्रतियोगिताएं आयोजित Holy Gita
इस महोत्सव में शोभायात्रा, पुस्तक मेला, शिल्प मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहीं। इन प्रतियोगिताओं में हजारों की संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया और शोभायात्रा में जो सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए वे अद्भुत और अविस्मरणीय थे।
इस मौके पर केडीबी के सदस्य सचिव विकास गुप्ता, केडीबी की सीईओ डाॅ. वैशाली शर्मा, केडीबी के पूर्व सदस्य विजय नरूला श्रीलंका के अधिकारी आदि लोग मौजूद रहे।
















