हरियाणा: मांगो को लेकर 73 दिन से चल रही आशा कार्यकर्ताओ की हडताल शनिवार का खत्म हो गई। संघर्ष के चलते हरियाण सरकार ने एक दो नही छह मांगो पर सहमति बन गई है।Rewari: जब नौकर ही निकला चोर ?
मांगे मांगे जाने के बाद 73 दिन से हड़ताल पर चल रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने काम पर लौटने का एलान कर दिया। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 2100 रुपये की बढ़ोतरी करने के साथ-साथ उनकी कई मांगों पर सहमति जताई है।

दो घंटे चली बैठक: मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में सीएम के अलावा मुख्य प्रधान सचिव आरके खुल्लर, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा, एनएचएम के निदेशक राज नारायण कौशिक व आशा को-आर्डिनेटर चांद सिंह मदान शामिल रहे।हरियाणा रोडवेज में लगी भंयकर आग, धू धू कर जली, जानिए कैसे हुआ हादसा ?
यूनियन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अध्यक्ष सुरेखा व महासचिव सुनीता ने किया। एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में तमाम मांगों पर चर्चा की गई। बैठक मे सहमति होने पर आर्शा कार्यकतोओ ने कार्य पर लोटने का ऐलान किया।
जानिए किन मांगों पर बनी सहमति
- मानदेय 4000 से 6100 रुपये हो गया है।
- चिरायु योजना में आशा कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा।
- हड़ताल के दौरान के फिक्स मानदेय को भी जारी करने का निर्णय।
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- यमुनानगर की आशा कार्यकर्ता पारुल के आश्रितों को मुआवजा मिलेगा।
- रिटायरमेंट लाभ के रूप में 2 लाख रुपये मिलेगा।
- प्रोत्साहन राशियों में 1500 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, पैरवी करेंगे
ओर मांगो के लिए होगी पेरवी: कई मांगों को मानने पर सहमति जता दी गई, जबकि अन्य मांगों को लेकर केंद्र सरकार के पास पैरवी करने का आश्वासन दिया गया। बैठक के बाद आशा वर्कर्स यूनियन की राज्य प्रधान सुरेखा ने कहा कि मानदेय में बढ़ोतरी काम व महंगाई के हिसाब से कम है।















