जडथल गांव मे पंचायत करके जातया रोष
धारूहेडा: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर जिला प्रशासन के पांच सदस्यो की कमेटी की ओर से लिए सभी सैंपल फैल हो गए।
बता दे कि मसानी बैराज में प्रदूषित पानी संबंधी शिकायत को लेकर एनजीटी 30 सितंबर को को शिकायत की। एनजीटी ने डीसी को कमेटी बनाकर दोबारा से सेंपल लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए थे। इसी पर संज्ञान लेते हुए शिकायत कर्ता प्रकाश यादव के सामने टीम ने 25 नवंबर को पानी के 10 सैंपल लिए थे तथा जांच के लिए भिजवाए थे।

ग्रामीण पहले ही कर रहे थे पानी दूषित शिकातय: ग्रामीण पहले ही इस पानी की शिकायत कर चुके है। लेकिन जिला प्रशासन लोगो को गुमराह करके बार बार दूषित पानी छोड रहा है। गांव जडथल में सरपंच राजकुमार ने बतााया कि लगातार छोडे जा रह से गांव का पानी दूषित हो गया है। ग्राम पंचायत करके काफी रोष जताया गया है। जल्द ही ग्रामीण बावल से इस बावत मिलेगे ताकि पानी को ट्रीट करके छोडा जा सके।
कमेटी मैंबर: एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में पांच सदस्य कमेटी का गठन किया है, जिसमें क्षेत्रीय अधिकारी हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उपाध्यक्ष, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी, सिंचाई विभाग रेवाड़ी व कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद रेवाड़ी को कमेटी सदस्य नियुक्त किया गया है।
सैंपल रिपोर्ट: रेवाडी मे बने छह एसटीपी के छह सैंपल फैल है। मसारी बैराज मे छोडे जा रहे पानी के तीन सैंपल तथा जडथल के पास लिया गया एक सैंपल अंडर लिमिट मे है। रिपोर्ट से साफ जाहिर होता कि छह एसटीपी मे पानी ट्रीट ही नहीं किया जा रहा है।
भेजी शिकायत: नवंबर माह में मसानी बेराज में छोडे जा रहे पानी के कमेटी के सामने छह सैपल एसटीपी से तथा एक सेंपल जडथल से, तीन सैपंल मसानी बेराज से लिए गए थे। जिनकी रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट कमेटी प्रभारी व उपायुक्त व पंचकूला कार्यलय को सौंप दी गई है। एसटीपी का पानी दूषित होने पर जुर्माना लगाया जाएगा, जिसका निर्णय उच्च अधिकारी करेंगे। विभाग की ओर से चार एसटीपी के खिलाफ मामला भी दर्ज किए जा चके है दो की कार्रवाई अदालत की प्रकिया में है।
हरीश कुमार, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, धारूहेडा
















