रेवाड़ी: सुनील चौहान। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से गंगायचा टोल पर प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन जारी है। मोर्चा के अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र सिंह ने बताया कि सिंघु बॉर्डर से फैसला आने के बाद ही वह गंगायचा टोल को खोलने के बारे में निर्णय लेंगे। अभी किसान अपनी बाकी मांगों को लेकर धरने पर बैठे रहेंगे।
किसानों का कहना है कि संसद में जब तक कृषि कानून वापस लेने का बिल पारित नहीं हो जाता धरना जारी रहेगा। रेवाड़ी में जयसिंहपुर खेडा बार्डर पर 9 दिसंबर 2020 से किसान धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 27 सितंबर 2020 को गंगायचा टोल बंद किया गया था। धरने पर बैठे किसानों ने प्रधानमंत्री द्वारा कृषि कानून को वापस लेने के फैसले की सराहना करते हुए लड्डू बांटकर खुशी जाहिर की। किसानों ने इसे आंशिक जीत बताया है, उनका कहना है कि जब दिल्ली में प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जाता धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि कि हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा।
एमएसपी के साथ दूसरे मुद्दों पर भी हो विचार:
किसानों ने बताया कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें। अभी तक सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोई बात नहीं की है, जो हमारी प्रमुख मांगों में एक है। इसी तरह आंदोलन के दौरान हरियाणा में 48 हजार से ज्यादा किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे को लेकर भी कोई बात नहीं कही गई और न ही बिजली बिल को लेकर कोई बयान आया। इसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। कानून रद्द करने संबंधी बिल संसद में पास होने तक इंतजार भी करना पड़ सकता है। बैठक में ही आंदोलन को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
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