Breaking News: देशभर में “संस्कार शिक्षक” भर्ती, सरकारी स्कूलों में नियुक्ति और संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार से प्रोजेक्ट होने के दावों को लेकर विवादों में घिरी “सर्वत्र शिक्षा समिति” पर अब गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में संस्था को लेकर शिकायतें और FIR दर्ज होने के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।Breaking News
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के भादरा में शिक्षक भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला दर्ज हुआ है। वहीं हरियाणा के सिरसा जिले से जुड़े मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी की चर्चा भी सामने आई थी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी संस्था से संबंधित शिकायतों और FIR की जानकारी सामने आने के बाद कई राज्यों में जांच की मांग तेज हो गई है।
करोड़ों रुपये का सरकारी फंड : शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संस्था द्वारा “संस्कार शिक्षक”, “ब्लॉक सुपरवाइजर”, “जिला प्रभारी” सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां देने के नाम पर युवाओं से पैसे लिए गए। कई लोगों का दावा है कि संस्था ने कथित रूप से एक MOU और दस्तावेज दिखाकर यह प्रचार किया कि उन्हें करोड़ों रुपये का सरकारी फंड प्राप्त होने वाला है तथा सरकारी परियोजनाओं के तहत कार्य किया जा रहा है।
आरोप है कि इन्हीं दावों के आधार पर युवाओं और अभिभावकों को भरोसे में लेकर रजिस्ट्रेशन, आईडी कार्ड, ट्रेनिंग और नियुक्ति प्रक्रिया के नाम पर रकम वसूली गई। कई युवाओं का कहना है कि उनसे पिछले लगभग एक वर्ष से सरकारी स्कूलों में कार्य करवाया गया, लेकिन उन्हें नियमित वेतन या मानदेय नहीं मिला।
हरियाणा का फतेहाबाद जिला सबसे सक्रिय केंद्र : पूरे मामले में हरियाणा का फतेहाबाद जिला सबसे सक्रिय केंद्र बताया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सरकारी स्कूलों, विशेष रूप से फतेहाबाद जिले के विद्यालयों की तस्वीरें, वीडियो और गतिविधियां दिखाकर लोगों को भरोसे में लिया जाता था। दावा किया जाता था कि संस्था का सरकारी शिक्षा विभाग और केंद्र सरकार की परियोजनाओं से सीधा जुड़ाव है।
सरकारी स्कूलों को निर्देश जारी : मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि फतेहाबाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पूर्व में सरकारी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए थे कि संबंधित संस्था का शिक्षा विभाग के साथ कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। आदेशों में यह भी कहा गया था कि संस्था के नाम पर किसी प्रकार की राशि न ली जाए तथा बिना अनुमति सरकारी स्कूलों में किसी भी प्रकार की नियुक्ति या गतिविधि की अनुमति न दी जाए।
इसके बावजूद आरोप है कि संस्था द्वारा लगातार सरकारी स्कूलों में “संस्कार शिक्षक” नियुक्त करने और नई भर्ती प्रक्रिया चलाने के दावे किए जा रहे हैं। इसी को लेकर अब विभागीय निगरानी और प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के नाम के कथित उपयोग को लेकर सवाल उठने लगे। कई लोगों का आरोप है कि संस्था द्वारा यह प्रचार किया जा रहा था कि उन्हें Ministry of Culture से प्रोजेक्ट प्राप्त है और उसी आधार पर स्कूलों एवं शिक्षा अभियानों में कार्य चलाए जा रहे हैं।
हालांकि, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित विभाग से जानकारी लेने पर ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या स्वीकृत प्रोजेक्ट सामने नहीं आया। इसके बाद संस्था पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं और अभिभावकों को गुमराह करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
संस्था की गतिविधियों को लेकर चर्चाएं और शिकायतें : सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया ग्रुप, ऑनलाइन मीटिंग और विभिन्न टीम नेटवर्क के माध्यम से हरियाणा से अन्य राज्यों तक लोगों को जोड़ने का कार्य किए जाने के आरोप हैं। पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड सहित कई राज्यों में भी संस्था की गतिविधियों को लेकर चर्चाएं और शिकायतें सामने आ रही हैं।
कई लोगों ने दावा किया है कि उनके पास कॉल रिकॉर्डिंग, चैट, दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें प्रशासन को सौंपने की तैयारी की जा रही है। अब अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और प्रभावित युवाओं ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
⚠️ जनहित में अपील:
किसी भी नौकरी, सरकारी योजना या मंत्रालय से जुड़े प्रोजेक्ट की जानकारी केवल संबंधित सरकारी विभाग और आधिकारिक वेबसाइट से ही सत्यापित करें। बिना वैध सरकारी प्रक्रिया किसी भी संस्था द्वारा नौकरी या नियुक्ति का दावा किए जाने पर सतर्क रहें।

















