Haryana news: रेवाडी जिले में सरसों की सरकारी खरीद शुरू हुए तीन दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक सरकारी एजेंसियां खरीद प्रक्रिया में सक्रिय नजर नहीं आई हैं। इसके विपरीत प्राइवेट खरीददारों ने तेजी दिखाते हुए करीब 90 हजार क्विंटल सरसों की खरीद कर ली है। मंडी में किसानों का रुझान भी निजी खरीददारों की ओर बना हुआ है,Political News: धारूहेड़ा का वार्ड 12 हुआ राजनीति का शिकार, चुनाव आयोग के पास पहुंचा मामला
क्योंकि उन्हें एमएसपी से अधिक दाम मिल रहे हैं। मंगलवार को मंडी की छुट्टी के चलते खरीद कार्य पूरी तरह बंद रहा और बुधवार को भी अवकाश के कारण मंडी बंद रहने की जानकारी दी गई है।IGU Rewari : आधुनिक रिसर्च तकनीकों से उज्ज्वल होगा भविष्य
- जिले में 57744 किसानों ने सरसों की फसल का पंजीकरण कराया
- कुल पंजीकृत रकबा 177789 एकड़ बताया गया
- पिछले साल 52137 किसानों ने कराया था पंजीकरण
- इस बार 5607 किसानों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज
- तीन दिन में करीब 30 हजार क्विंटल सरसों की ताजा खरीद हुई
- सरकारी एजेंसियों ने अभी तक एक भी दाना नहीं खरीदा
मार्केट कमेटी सचिव मनीष कुमार के अनुसार इस बार किसानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसके बावजूद सरकारी खरीद पूरी तरह से ठप पड़ी है।
उन्होंने बताया कि एमएसपी से अधिक दाम मिलने के कारण किसान अपनी फसल प्राइवेट खरीददारों को ही बेचने में रुचि दिखा रहे हैं। पिछले वर्ष मार्च माह के अंत तक करीब 60 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी थी.
स्थिति यह है कि सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद एजेंसियों के खाते तक नहीं खुले हैं, जिससे किसान सीधे निजी व्यापारियों को अपनी उपज बेच रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब बाजार में बेहतर भाव मिल रहा है तो वे सरकारी खरीद का इंतजार नहीं करना चाहते। यदि यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में सरकारी खरीद लक्ष्य प्रभावित हो सकता है और पूरा कारोबार प्राइवेट सेक्टर के हाथों में ही सिमट कर रह जाएगा।















