धारूहेड़ा: हमेटी जींद द्वारा धारूहेड़ा नैचुरल एग्रो फार्म में आयोजित तीन दिवसीय प्रगतिशील किसान प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को किसानों को उत्पादन से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक की संपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में नेशनल काउंसिल ऑफ स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड से आए विशेषज्ञ डॉ. जगबीर सिंह यादव ने किसानों को आधुनिक कृषि विपणन की बारीकियों से अवगत कराया। Progressive Farmer Natural Farming Training Camp
सही पैकेजिंग और गुणवत्ता मानकों के प्रति किया जागरूक: डॉ. जगबीर सिंह यादव ने किसानों को प्री-हार्वेस्टिंग, हार्वेस्टिंग, ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, पैकेजिंग और प्रोसेसिंग की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार किसान अपने उत्पादों की सही पैकेजिंग और गुणवत्ता मानकों के जरिए बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही ब्लॉक, जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग के विभिन्न प्लेटफॉर्म, उनके नियम और कानूनों की जानकारी दी।

आय बढ़ाने के बताए टिप्स: किसानों को एफएसएसएआई, एपीडा, पीजीएस, नेचुरल और ऑर्गेनिक जैसे प्रमाणिकरण की प्रक्रिया और उनके महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अलग-अलग महाद्वीपों में फूड सिक्योरिटी के मानक, लागत और उपभोक्ता व्यवहार पर भी विशेष चर्चा की गई। कोल्ड चेन और प्रोसेसिंग यूनिट्स की भूमिका को बताते हुए उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
प्राकृतिक खेती में मार्केटिंग की चुनौतियों क्या क्या है: प्राकृतिक कृषि पर राष्ट्रीयपति और किसान रत्न अवार्ड से सम्मानित यशपाल खोला ने प्राकृतिक कृषि के मूल सिद्धांतों और व्यावहारिक अनुभव साझा किए। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य सुधारने के तरीके, कीट प्रबंधन, पोषक तत्वों की पूर्ति और प्राकृतिक खेती में मार्केटिंग की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
समापन समारोह कल: साथ ही प्राकृतिक कृषि के शुरुआती चरण में किसानों को किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, इस पर भी मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. जे.एस. यादव, डीन के.आर. मंगलमय यूनिवर्सिटी ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर के तीसरे और अंतिम दिन समापन समारोह में सभी प्रतिभागी किसानों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। Progressive Farmer Natural Farming Training Camp

















