रेवाड़ी: शहर के सर्राफा बाजार स्थित एक ज्वेलरी शोरूम में हथियार के बल पर हुई सनसनीखेज लूट के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जतिन गर्ग की अदालत ने वर्ष 2023 में हुई इस वारदात के एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

लूट का किया था मामला दर्ज: गौरतलब है कि 28 अप्रैल 2023 को शहर के सर्राफा बाजार स्थित एक ज्वेलरी शोरूम में एक बदमाश ने पिस्टल दिखाकर करीब 60 लाख रुपये की सोने की ज्वेलरी और लगभग 70 हजार रुपये की नकदी लूट ली थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। घटना के बाद पीड़ित दुकान संचालक मनीष कुमार जैन की शिकायत पर थाना शहर रेवाड़ी में लूट का मामला दर्ज किया गया था।
आरोपी पर था 50 हजार रुपये का इनाम: बता दे कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन के निर्देश पर डीएसपी हेडक्वार्टर अमित भाटिया की अगुवाई में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इस टीम में सीआईए इंचार्ज रेवाड़ी निरीक्षक सुमेर सिंह, सीआईए इंचार्ज धारूहेड़ा निरीक्षक सतेंदर सिंह, उप निरीक्षक सुभाष चंद और थाना शहर रेवाड़ी के उप निरीक्षक विधासागर को शामिल किया गया। पुलिस ने आरोपी का सुराग देने वाले के लिए 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक तकनीकों और रिवर्स प्रोफाइलिंग का सहारा लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी स्थानीय है और क्षेत्र के रास्तों से भली-भांति परिचित है। इसके बाद पुलिस ने आसपास के कई गांवों में कांबिंग ऑपरेशन चलाया। पुख्ता सुराग मिलने पर पुलिस ने गांव ओढ़ी हाल आबाद सेक्टर 26 मॉडल टाउन रेवाड़ी निवासी दीपक को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने लूट की वारदात को स्वीकार कर लिया।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वारदात के समय आरोपी ने युद्धवीर निवासी गांव ओढ़ी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद युद्धवीर उर्फ जुगबीर को भी गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने आरोपी दीपक के कब्जे से लूटे गए करीब 60 लाख रुपये मूल्य के सभी सोने के जेवरात बरामद कर लिए थे।
इस मामले के सफल खुलासे पर शहर के व्यापारियों ने मोती चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस टीम को सम्मानित भी किया था। जांच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई और लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 7 साल की सजा सुनाई।
















