Breaking News: धारूहेड़ा स्थित ब्राह्मण धर्मशाला में सोमवार को स्वर्ण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य श्री देशराज शर्मा ने की। इसमें स्वर्ण समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष, पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित यूजीसी एक्ट को लेकर समाज की चिंताओं पर चर्चा करना और सरकार तक अपना विरोध दर्ज कराना रहा। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह कानून स्वर्ण समाज के हितों के विपरीत है और इससे समाज में असमानता बढ़ने की आशंका है।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी एक्ट के मौजूदा प्रावधान शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संतुलन को भी प्रभावित करेंगे। उनका कहना था कि यह कानून योग्यता और समान अवसर के सिद्धांतों को कमजोर करता है, जिससे आने वाले समय में समाज के एक बड़े वर्ग को नुकसान हो सकता है।

सभी संगठनों ने सर्वसम्मति से सरकार से मांग की कि स्वर्ण समाज विरोधी इस यूजीसी एक्ट को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। वक्ताओं ने यह भी कहा कि यदि सरकार ने समय रहते इस पर पुनर्विचार नहीं किया तो समाज को मजबूरन व्यापक स्तर पर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
बैठक में प्रमुख रूप से राजपूत सभा के अध्यक्ष श्री चरण सिंह छोकर, राजपूत महासभा के संरक्षक श्री संजय सिंह राजावत, उपाध्यक्ष श्री श्याम सुंदर सिंह और श्री वीर सिंह राणा, ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र भारद्वाज, पार्षद श्री डी के शर्मा, ब्राह्मण सभा के उपाध्यक्ष श्री भूपेंद्र विजेंद्र शर्मा, महासचिव श्री जितेंद्र शर्मा, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष श्री मंगल अग्रवाल, जैन सभा के अध्यक्ष श्री मोहित जैन, जैन समाज के महासचिव श्री संदीप जैन, श्री बसंत पंजाबी, श्री हरकेश तंवर, अधिवक्ता श्री बलवंत सिंह, श्री सतीश और श्री गंगा सिंह छोकर सहित स्वर्ण समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने इस विषय को गंभीर बताते हुए एकजुट रहने पर जोर दिया।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार यूजीसी एक्ट को वापस नहीं लेती, तब तक स्वर्ण समाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगा। समाज के नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के अधिकारों से जुड़ा है। बैठक का समापन भारत माता की जय के नारों के साथ किया गया।
















