Haryana news: रेवाड़ी में भगवानपुर रामगढ़ क्षेत्र में सरकारी अस्पताल निर्माण की मांग को लेकर अस्पताल संघर्ष समिति ने रविवार को केंद्रीय राज्यमंत्री के आवास पर पहुंचकर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्यों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि क्षेत्र की बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को देखते हुए भगवानपुर रामगढ़ में शीघ्र सरकारी अस्पताल की स्थापना की जाए। इसके साथ ही संघर्ष समिति ने स्वास्थ्य मंत्री से समय देने की भी अपील की, ताकि अस्पताल निर्माण से जुड़े लंबित मामलों और आगे की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की जा सके।Haryana news
संघर्ष समिति ने बताया कि वह पिछले करीब छह महीनों से अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रही है। समिति का कहना है कि भगवानपुर रामगढ़ और आसपास के गांवों की बड़ी आबादी को इलाज के लिए रेवाड़ी शहर या अन्य दूरस्थ अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खासतौर पर सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और प्रसूति मामलों में समय पर इलाज न मिल पाने का खतरा बना रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण लंबे समय से अपने क्षेत्र में सरकारी अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर की मांग कर रहे हैं।
संघर्ष समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि भगवानपुर गांव की पंचायत द्वारा सरकार को राष्ट्रीय राजमार्ग 71 के पास करीब सात एकड़, सात कनाल और नौ मरला भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। यह भूमि अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के निर्माण के लिए पूरी तरह से उपयुक्त बताई जा रही है।
समिति के अनुसार पंचायत की ओर से भूमि हस्तांतरण से संबंधित सभी शर्तों को पूरा करते हुए आवश्यक दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं और इन्हें उपायुक्त के माध्यम से पंचायत विभाग के निदेशक को भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अब तक अस्पताल निर्माण को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
संघर्ष समिति ने उम्मीद जताई कि ज्ञापन सौंपे जाने के बाद सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी और जल्द ही अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। समिति का कहना है कि यदि समय रहते इस मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के लोगों को आगे भी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
















