Air Pollution: इन दिनों राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की हवा अत्यंत विषाक्त हो गई है। शहर में सांस लेना कठिन हो गया है और हालात इतने गंभीर हैं कि लोग अब अपने घरों के अंदर भी प्रदूषण से राहत महसूस नहीं कर पा रहे हैं। नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार 350 के पार जा चुका है, जिसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी में माना जाता है। इस गंभीर स्थिति ने लोगों में स्वास्थ्य के प्रति चिंता बढ़ा दी है और घरों, दफ्तरों और दुकानों में वायु शुद्धिकरण के उपाय अपनाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है।
बढ़ते प्रदूषण के कारण बाजार में एयर प्यूरीफायर की मांग में तेजी आई है। लोग अपने घरों और ऑफिसों की हवा को साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर लगा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पहले वे रोजाना केवल चार-पांच एयर प्यूरीफायर बेचते थे, लेकिन अब उनकी बिक्री औसतन 25 यूनिट रोजाना हो गई है। स्वास्थ्य और सांस की समस्याओं को देखते हुए लोग बड़ी संख्या में प्यूरीफायर खरीद रहे हैं, ताकि परिवार के सदस्य और कर्मचारी सुरक्षित रह सकें।
एयर प्यूरीफायर के लाभ और तकनीक
बाजार में विभिन्न प्रकार के प्यूरीफायर उपलब्ध हैं, जिनमें मल्टी-स्टेज फिल्ट्रेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। HIPAA फिल्टर (High-Efficiency Air Purifier) हवा में मौजूद 99.97% सूक्ष्म कणों को रोक सकता है। एक्टिवेटेड कार्बन प्री-फिल्टर गंध और हानिकारक गैसों को कम करता है। ये प्यूरीफायर छोटे और बड़े दोनों प्रकार के कमरे के लिए उपयुक्त हैं। 360-डिग्री सर्पाउंड एयर इनटेक तकनीक वाले प्यूरीफायर विशेष रूप से लोकप्रिय हैं, जो 0.1 माइक्रोन तक के धूल और कणों को हवा से निकालने में सक्षम हैं। छोटे और पोर्टेबल मिनी प्यूरीफायर चार-लेयर फिल्ट्रेशन सिस्टम के साथ बाजार में उपलब्ध हैं।
लोगों की बढ़ती चिंता और विशेषज्ञों की राय
शहर में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोग अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सेक्टर 18 मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन कहते हैं कि खराब होती हवा और स्वास्थ्य जोखिम के बीच, नोएडा के घरों और ऑफिसों में एयर प्यूरीफायर अब आवश्यक हो गए हैं। व्यवसायी अभिषेक शर्मा बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में घरों में प्यूरीफायर लगाना आम हो गया है, जबकि पहले केवल दफ्तरों में इन्हें खरीदा जाता था। बड़े और छोटे सभी प्रकार के प्यूरीफायर की मांग है, जो कमरे के आकार के अनुसार उपयुक्त हैं। इस तरह, एनसीआर में वायु प्रदूषण की बढ़ती गंभीरता ने लोगों में जागरूकता बढ़ाई है और एयर प्यूरीफायर की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि की है।

















