मौसमदिल्लीबिहार विधानसभा चुनाव 2025CET 2025राजस्थानमनोरंजनराशिफलबिजनेसऑटो मोबाइलरेवाड़ीआध्यात्मिकअन्य

Haryana News: हरियाणा ने पंजाब यूनिवर्सिटी में हिस्सेदारी की मांग, इंटर स्टेट काउंसिल को भेजा पत्र

On: November 6, 2025 2:42 PM
Follow Us:
Haryana News: हरियाणा ने पंजाब यूनिवर्सिटी में हिस्सेदारी की मांग, इंटर स्टेट काउंसिल को भेजा पत्र

Haryana News: पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) में हरियाणा को हिस्सा मिलेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय करेगा। हरियाणा सरकार ने 28 साल बाद फिर से पंजाब विश्वविद्यालय में अपनी हिस्सेदारी की मांग की है। साल 1997 में हरियाणा ने विश्वविद्यालय में अपनी हिस्सेदारी छोड़ दी थी, जिसके बाद से पीयू में हरियाणा का कोई हिस्सा नहीं था।

अब लंबे समय बाद हरियाणा सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ इंटर-स्टेट काउंसिल को पत्र लिखकर अपनी मांग रखी है। पंजाब विश्वविद्यालय देश का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जो संसद में पारित अंतर-राज्यीय निगमित निकाय के तहत गठित हुआ है। इसके सभी बड़े फैसलों का अधिकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास होता है, इसलिए हरियाणा की मांग का भी अंतिम निर्णय वहीं होगा।

यह भी पढ़ें  हथियार बंद बदमाशों का किरयाणा स्टोर पर धावा, कोसली में नकदी व जेवरात लूटे-Best24news

अगर हरियाणा को विश्वविद्यालय में हिस्सेदारी मिलती है तो इससे वहां हरियाणा के मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव और अन्य अधिकारियों को सीनेट और सिंडिकेट में जगह मिलेगी। फिलहाल पंजाब विश्वविद्यालय का 83 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार के पास है और पंजाब सरकार के पास 17 फीसदी। पहले केंद्र सरकार का हिस्सा सिर्फ 20 फीसदी था, लेकिन हरियाणा के हिस्से को छोड़ने के बाद यह बढ़ गया। विश्वविद्यालय के सभी आर्थिक मामलों का निपटारा भी केंद्र सरकार ही करती है।

पंजाब विश्वविद्यालय की स्थापना 1882 में लाहौर में हुई थी। 1947 में देश के विभाजन के बाद यह भारत में आ गया। विभाजन के बाद पूर्वी पंजाब विधानमंडल द्वारा 1947 में इस विश्वविद्यालय का पुनः गठन किया गया। यह विश्वविद्यालय उस समय संयुक्त पंजाब क्षेत्र के कॉलेजों को कवर करता था, जिसमें पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश शामिल थे।

यह भी पढ़ें  Haryna News: पानीपत रिफाइनरी ने छोडी विषैली गैस, 1600 एकड फसल हुई खराब, मुआवजे की मांग को लेकर किसानो ने किया प्रदर्शन

1966 में पंजाब का पुनर्गठन हुआ और पंजाब को दो हिस्सों—पंजाब और हरियाणा—में बांटा गया। संसद से पारित पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत पंजाब विश्वविद्यालय को एक अंतर-राज्यीय निगमित निकाय बना दिया गया। इसी कारण से इसकी सभी बड़ी व्यवस्थाएं और निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय के नियंत्रण में आते हैं।

Best24News

ताज़ा हिंदी खबरों का विश्वसनीय स्रोत — Best24News पर पढ़ें राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यवसाय, शिक्षा और टेक्नोलॉजी से जुड़ी हर जरूरी अपडेट। हम देते हैं तेज़, सटीक और निष्पक्ष खबरें, वह भी सरल और स्पष्ट भाषा में, ताकि आप हमेशा अपडेटेड रहें।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now