Chhath Puja 2025: छठ पूजा में इन सामग्रियों की पड़ेगी जरूरत, जानिए किस मंत्र का करे जाप

On: March 21, 2026 8:33 PM
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Chhath Puja 2025: लोक आस्था का सबसे बड़ा और पवित्र पर्व शनिवार से शुरू हो गया है। चार दिन चलने वाले इस पर्व में बडी संख्या में पूर्वाचल मैया की पूजा करते है। बता दे इस साल इस साल 25 अक्टूबर से शुरू होकर चार दिनों तक मनाया जाएगा। इस पर्व में सूर्य देव और छठी मैया की उपासना की जाती है।Chhath Puja 2025

चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ हो चुकी है। सूर्य उपासना का यह पर्व 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान व्रती महिलाएं और पुरुष कठोर नियमों के साथ सूर्य देव और छठी माई की पूजा-अर्चना करते हैं।Chhath Puja 2025

छठ पूजा की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पूजा सामग्री की होती है, क्योंकि परंपरा के अनुसार सभी वस्तुएं पवित्र और पूर्ण रूप से सात्विक होनी चाहिए। आइए जानते हैं इस बार छठ पूजा में किन-किन सामग्रियों की जरूरत पड़ेगी।Chhath Puja 2025

ये है पूजा सामाग्री: बता दे कि हर अनुष्ठान में उपयोग होने वाली वस्तुओं का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। कहा जाता है कि यदि पूजा सामग्री अधूरी रह जाए, तो पूजा का फल पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता।Chhath Puja 2025

  • ठेकुआ – गेहूं के आटे, गुड़ और घी से बना यह मुख्य प्रसाद होता है।
  • चावल के लड्डू – यह भी प्रसाद के रूप में विशेष महत्व रखता है।
  • मौसमी फल – कम से कम 5 या 7 प्रकार के फल जैसे केला, नारियल (पानी वाला), सेब, अमरूद, डाभ नींबू आदि।
  • गन्ना – 5 या 7 पत्ते लगे गन्ने, जो मंडप सजाने और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं।

 

 

  • पान और सुपारी – हर पूजन में उपयोग होने वाली आवश्यक वस्तु।
  • अक्षत – साबुत चावल, जो शुद्धता और पूर्णता का प्रतीक हैं।
  • बांस की दो टोकरी (सूप या दउरा) – एक संध्या अर्घ्य और दूसरी उषा अर्घ्य के लिए।
  • बांस या पीतल का सूप – फल और प्रसाद रखने के लिए।
  • तांबे या कांसे का लोटा – सूर्य देव को दूध और जल अर्पित करने के लिए।
  • कच्चा दूध और शुद्ध जल – अर्घ्य के लिए आवश्यक।
  • हल्दी का पौधा – गांठ सहित पूरा पौधा पूजा में शुभ माना जाता है।

 

 

 

 

  • दीपक, घी और बाती – मिट्टी के दीपक को सबसे शुभ माना जाता है।
  • सिंदूर, रोली और चंदन – पूजन सामग्री का अहम हिस्सा।
  • हवन सामग्री – खरना और अर्घ्य के समय उपयोग में आती है।
  • कलावा (मौली) – व्रती के हाथ में बांधी जाने वाली पवित्र डोरी।
  • पीले या लाल रंग के नए वस्त्र/साड़ी – व्रती के लिए शुभ माने जाते हैं।

छठ पूजा कैलेंडर (Chhath Puja 2025 Dates)

  • 25 अक्टूबर (शनिवार) – नहाय-खाय
  • 26 अक्टूबर (रविवार) – खरना
  • 27 अक्टूबर (सोमवार) – संध्या अर्घ्य
  • 28 अक्टूबर (मंगलवार) – उषा अर्घ्य

 

छठ पूजा मंत्र (Chhath Puja Mantra)

 

  • ॐ सूर्याय नमः।।
  • ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
  • ग्रहाणामादिरादित्यो लोक लक्षण कारक:। विषम स्थान संभूतां पीड़ां दहतु मे रवि।।
  • ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।।

 

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

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