Haryana News: हरियाणा प्रदेश में बिजली विभाग के अधिकारियों के ऑनलाइन तबादला नीति (ओटीपी) के तहत हाल ही में 100 अधिकारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। अधिकारियों ने अपनी पसंद के स्थानों पर पदग्रहण कर लिया, लेकिन अंबाला कैंट क्षेत्र के चार पद खाली रह गए।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के गृह क्षेत्र अंबाला कैंट में तीन एसडीओ और एक एक्सईएन का स्थान खाली हो गया। अधिकारियों ने अन्य जिलों में विकल्प भरे, लेकिन किसी ने अंबाला कैंट को चुना नहीं। माना जा रहा है कि मंत्री के सीधे तौर पर अफसरों से जवाब तलब करने के कारण अधिकारी कैंट को चुनने से बच रहे हैं।
प्रदेश के दो बिजली निगम—उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) में कुल 40,294 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 18,769 पद खाली हैं। इससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है। यूएचबीवीएन में 17,956 पदों में से 10,564 भरे हैं, जबकि डीएचबीवीएन में 22,338 स्वीकृत पदों में करीब 11,000 ही कर्मचारी तैनात हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने हारट्रोन और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से 10,948 अस्थायी कर्मचारियों को रखा है।
प्रदेश में लगभग 82 लाख बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें 64.21 लाख घरेलू, 8.59 लाख गैर-घरेलू, 1.09 लाख औद्योगिक और 7.03 लाख कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। कुल लोड 3.93 करोड़ किलोवाट है, जिसमें औद्योगिक उपभोक्ताओं का 1.24 करोड़ किलोवाट, कृषि उपभोक्ताओं का 84.14 लाख किलोवाट और घरेलू उपभोक्ताओं का 1.13 करोड़ किलोवाट शामिल है।
इस ऑनलाइन तबादला नीति के तहत पहली बार एसई, एसडीओ और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों से विकल्प मांगे गए। इसका उद्देश्य तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और कर्मचारियों को उनकी वरीयता के अनुसार पोस्टिंग देना है। नोडल अधिकारी नियुक्त कर प्रक्रिया को सुचारू बनाया गया। अंबाला कैंट में खाली पदों को भरने के लिए अब अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जाएगा।

















