रेवाड़ी: जिले को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के निर्देशन में पुलिस की नशामुक्त टीम लगातार गांव-गांव जाकर जनजागरूकता अभियान चला रही है। मंगलवार को टीम ने गांव बालियर खुर्द, बालियर कलां और मुंडीया खेड़ा में डोर-टू-डोर जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की और नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा की।Police Campaign
इस दौरान दो नशा पीड़ित व्यक्तियों की पहचान कर काउंसलिंग के बाद उन्हें रेवाड़ी डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती कराया गया। अब तक टीम ने जिले में नशे की लत से पीड़ित 126 लोगों की पहचान की है, जिनमें से 41 का उपचार भी करवाया जा चुका है।
नशामुक्ति टीम के एएसआई जितेन्द्र कुमार ने बताया कि पुलिस और आमजन अगर मिलकर काम करें तो नशे जैसी बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।Police Campaign
उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति का जीवन ही नहीं बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर देता है, इसलिए युवाओं को इससे बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस के प्रयासों से कई नशा पीड़ितों ने अपना उपचार शुरू कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की पहल की है।Police Campaign
पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे नशा मुक्ति अभियान में सहयोग करें और अगर नशे का कारोबार करने वालों या नशे का सेवन करने वालों की कोई सूचना हो तो उसे निःसंकोच MANAS हेल्पलाइन नंबर 1933 या डायल 112 पर साझा करें। सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखा जाएगा। टीम ने युवाओं और बच्चों से आह्वान किया कि वे नशे के खिलाफ इस जंग में पुलिस का साथ दें और गांव-गांव में नशामुक्त वातावरण बनाने में योगदान करें।
















