हरियाणा में डेंगू और मलेरिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब तक डेंगू के 365 और मलेरिया के 105 मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू के बढते केसों के चलत स्वास्थ्य विभाग की नींद उडी हुई हैं। अगर डाटा बात करे तो रेवाड़ी सबसे ज्यादा केस जबकि भिवानी में एक भी केस नहीं है।Dengue havoc in Haryana
इन मामलों में बढ़ोतरी के कारण स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और सभी जिलों को एडवाइजरी जारी की है। मरीजों के सैंपल अब प्रदेश की 27 परीक्षण प्रयोगशालाओं में भेजे जा रहे हैं और सैंपलिंग की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।Dengue havoc in Haryana
हरियाणा में सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति रेवाड़ी जिले की है, जहां डेंगू के अकेले 107 मामले दर्ज किए गए हैं। रेवाड़ी के अलावा गुरुग्राम में 49, पंचकूला में 17, करनाल में 26, सोनीपत में 25 और रोहतक में 24 मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
सेंपलिग हुई तेज: इन मामलों में बढ़ोतरी के कारण स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और सभी जिलों को एडवाइजरी जारी की है। मरीजों के सैंपल अब प्रदेश की 27 परीक्षण प्रयोगशालाओं में भेजे जा रहे हैं और सैंपलिंग की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
प्रदेश का भिवानी जिला ऐसा है, जहां से अभी तक एक भी डेंगू का केस सामने नहीं आया है। जबकि दूसरी तरफ प्रदेश के अन्य 21 जिलों से डेंगू और मलेरिया के केस सामने आ रहे हैं।
यमुनानगर से 15 , अंबाला से 4, चरखी दादरी से 9, फरीदाबाद से 8, फतेहाबाद से 1, हिसार से 10, झज्जर से 14, जींद से 9, करनाल से 9, कुरुक्षेत्र से 5, महेंद्रगढ़ से 10, नूह से 5 केस, पलवल से 2, पानीपत से 13 केस मिल चुके है।
अधिकारी बताते हैं कि यह एडीज मच्छर 400 मीटर की सीमा तक ही अपने दम पर जा सकता है। किसी अन्य वाहन जैसे कार में इंसानों के साथ ये मच्छर कहीं भी जा सकता है। यह अंधेरे और ठंडी जगहों जैसे घर के कोने या कारों में छिपकर बैठता है। ये मच्छर खासकर दिन में और दोपहर के समय ही काटता है।

















