Haryana News: हरियाणा का लाल देश की सेवा करते-करते शहीद हो गए। कैथल के रहने वाले संजय सिंह सैनी लेह लद्दाख में शहीद हो गए। वह सेना की 10 सिख रेजिमेंट में तैनात थे। उनका पार्थिव शरीर घर पहुंच गया है। कुछ देर बाद कवारतन गांव में राजकीय सम्मन के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
परिजनों ने बताया कि लद्दाख में तूफान आने के बाद ठंड बहुत बढ़ गई थी। इस कारण संजय के सिर में खून जम गया। इसकी वजह से वह शहीद हो गए। मंगलवार को उनका सेना के अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। बुधवार दोपहर को हेलिकॉप्टर से पार्थिव शरीर चंडीगढ़ पहुंचा। 3 महीने पहले संजय के पिता का निधन हुआ था। तब वह छुट्टी लेकर गांव आए थे।
2004 में सेना में भर्ती हुए
जागर सिंह ने बताया कि संजय 2004 में सेना में भर्ती हुए थे। उनकी ट्रेनिंग 2005 में शुरु हुई। उनकी ड्यूटी को 20 साल हो चुके थे। परिवार के लोग संजय को रिटायरमेंट लेने की कह रहे थे। लेकिन संजय हमेशा कहते थे कि अभी मेरे दो साल पड़े हैं और मुझे देश की सेवा करनी है।
ठंड में सिर में खून जमा
जागर सिंह ने बताया कि दो दिन पहले लेह लद्दाख में ज्यादा ठंड होने के कारण अचानक तूफान आ गया। संजय के सिर में खून जम गया जिसकी वजह उनके शरीर में रक्त का संचार रुक गया। इस कारण वे शहीद हो गए संजय का परिवार साधारण था। घर में पत्नी के अलावा 14 और 11 साल के 2 बेटे, बुजुर्ग मां और बड़ा भाई है।
आखिरी बार कहा था- यहां सब ठीक है
संजय के चाचा शमशेर सिंह ने बताया कि 3 महीने पहले संजय के पिता का निधन हो गया था। तब वह छु्ट्टी लेकर आए थे। उनकी संजय से कई दिन पहले बात हुई थी। तब उन्होंने कहा था कि यहां सब कुछ ठीक है। गांव के सरपंच के पास सेना के उच्च अधिकारियों का फोन आया था। उन्होंने ही संजय की शहादत की बात बताई।

















