Haryana news: हरियाणा के गांवों में भी अब शहरों जैसी सफाई! 7500 से अधिक आबादी वाले गांवों को मिलेंगे डंपर

On: March 21, 2026 11:27 PM
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Now Haryana villages will also be as clean as cities! Villages with a population of more than 7500 will get dumpers

Haryana news:  चंडीगढ़/हरियाणा: हरियाणा सरकार अब ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था को शहरों की तर्ज पर सुदृढ़ बनाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने 7500 से अधिक आबादी वाले सभी गांवों को हॉपर टिपर डंपर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे गांवों में ठोस कचरे के प्रबंधन को व्यवस्थित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में इस योजना को हरी झंडी मिल गई है। इसमें 298 डंपर खरीदने की मंजूरी दी गई है और इसके लिए 19 करोड़ रुपये से अधिक का बजट भी स्वीकृत किया गया है। संबंधित कंपनी को जल्द डंपर की डिलीवरी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे इनका वितरण ग्राम पंचायतों को किया जा सके।

कलस्टर मॉडल के तहत होगा कूड़ा प्रबंधन

सरकार की योजना के अनुसार, पांच से छह गांवों को मिलाकर एक कलस्टर बनाया जाएगा, जिसमें से एक गांव को ‘महाग्राम’ के रूप में चयनित किया जाएगा। इन गांवों से निकलने वाले कूड़े को डंपरों की मदद से इकट्ठा कर कलस्टर में स्थित प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाया जाएगा। यहाँ कूड़े की प्रोसेसिंग, छंटाई और खाद निर्माण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की शुरुआत

राज्य सरकार शहरों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की योजना लागू कर रही है। कुछ गांवों में यह योजना पहले ही शुरू हो चुकी है, और अब इसे सभी ग्राम पंचायतों में विस्तारित किया जाएगा। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सहायता ली जाएगी, जिन्हें इसके बदले मासिक मानदेय भी दिया जाएगा।

स्वच्छ भारत मिशन को मिलेगा नया आयाम

विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त व सचिव अमित अग्रवाल ने बताया कि यह पूरी योजना स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण के तहत क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाए रखना नहीं, बल्कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से हर गांव को मॉडल गांव बनाना है।”

भविष्य की योजना: कूड़े से बनेगी खाद और बिजली

इन कलस्टर प्रोसेसिंग यूनिट्स में अभी तक कूड़े से खाद बनाने का काम शुरू किया गया है। साथ ही प्लास्टिक, कांच, धातु आदि की छंटाई भी की जा रही है। राज्य सरकार आने वाले समय में इन यूनिट्स के माध्यम से कचरे से बिजली उत्पादन की दिशा में भी काम करने की योजना बना रही है।

 

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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