Haryana News: हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग ने बडी पहल शुरू की है। इस पहल के चलते अब डिलीवरी के बाद बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए कार्यालयों के धक्के नहीं खाने पडेगें। डिलीवरी के तुरंत बाद जन्म प्रमाण पत्र परिजनों को दिया जाएगा।
यू तो हरियाणा में बच्चे के जन्म के 21 दिन के अंदर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का प्रविधान है। लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में शुरू की गई इस सुविधा के बाद परिजनों को बडी राहत दी है। नई पहल के चलते अस्पताल से डिस्चार्ज (छुट्टी) की प्रक्रिया पूरी होते ही शिशु को जन्म प्रमाण पत्र और आधार नंबर परिजनों को सोंप दिया जाएगा।
प्रथम चरण में यह सुविधा नागरिक अस्पताल में शुरू हो चुकी है। वहीं आने वाले दिनों में जिले के सभी उन सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों जहां संस्थागत प्रसव कराने की सुविधा वहां भी उपलब्ध होगी।
बता दे इससे पहले जन्म के समय नवजात का सिर्फ आधार कार्ड बन रहे थे। इसका आधार नंबर जनरेट होने के बाद बच्चे का नाम और दस साल तक अपडेट कराने की सुविधा थी। अब जन्म प्रमाण बनाने की प्रक्रिया में फार्म भरने के बाद उसमें बच्चे का नाम भरने के लिए कालम छोड़ दिया जाता है ताकि माता पिता नामकरण के बाद उसमें जोड़ सकें।
कार्यालयों के नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर
बता दे कि जन्म प्रमाण पत्र के लिए स्वजन को अस्पताल और निकाय कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नागरिक अस्पताल के साथ सभी संस्थागत प्रसव केंद्रों पर आनलाइन रिकार्ड व्यवस्थित करने की सुविधा से लोगों को इसके लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
रेवाडी के नागरिक अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड अस्पताल से छुट्टी होने पर बनाकर दे रहे हैं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ अन्य संस्थागत प्रसव वाले केंद्रों में भी यह सुविधा शुरू किया जा रहा है। – डॉ. जोगेंद्र सिंह, उपसिविल सर्जन एवं प्रभारी जन्म प्रमाण पत्र।

















