Success Story: कहते हैं कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। इसका सबूत है अभिनंदन यादव। यूपी के रहने वाले अभिनंदन यादव की कहानी सिखाती है कि लगातार प्रय़ास करने से बड़ी से बड़ी चुनौती का भी सामना किया जा सकता है।Success Story:
यूपी के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर
अभिनंदन यादव का जन्म यूपी के गाजीपुर जिले के खोजापुर गांव में हुआ। उन्होंने खोजापुर के न्यू मॉडल चिल्ड्रन स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई पुरी की। उसके बाद 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के लिए वे कोटा चले गए। साल 2018 में उन्होंने IIT गुवाहाटी में दाखिला लिया और 2022 में ग्रेजुएसन की डिग्री हासिल की।Success Story:
SSB इंटरव्यू में संघर्ष और सफलता की कहानी
अभिनंदन ने 2017 से 2024 के बीच 16 बार SSB (सर्विस सिलेक्शन बोर्ड) का रिटर्न एग्जाम पास किया। लेकिन हर बार वह इंटरव्यू में फेल हो जाते। इसकी वजह इंग्लिश में कमजोर कम्युनिकेशन स्किल थी। लेकिन उन्होंने मेहनत और आत्मविश्वास में कमी नहीं आने दी। आखिरकार उन्होंने यूपीएससी असिस्टेंट कमांडेट परीक्षा पास की।
ग्रेजुएशन के बाद का जीवन
2022 में IIT गुवाहाटी से ग्रेजुएशन करने के बाद, अभिनंदन ने गुरुग्राम की क्यूबैस्टियन कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड में जॉब की। ग्रामीण बैक्ग्राउंड से आने वाले अभिनंदन के लिए इंग्लिश हमेशा एक चुनौती रही थी, जो SSB इंटरव्यू में भी उनके लिए परेशानी बनी। लेकिन गुरुग्राम में नौकरी करते हुए उन्होंने अपनी इंग्लिश को सुधारा। 12 घंटे की नौकरी करने के बाद रात में पढ़ना, खुद के लिए खाना बनाने का साथ-साथ उन्होंने अपनी तैयारी भी जारी रखी।
इंग्लिश में सुधार से मिली सफलता
अभिनंदन ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने SSB इंटरव्यू के लिए 16 बार प्रयास किया, लेकिन हर बार इंटरव्यू में फेल हो गए। इसका मुख्य कारण उनकी इंग्लिश बोलने की क्षमता की कमी थी। गुरुग्राम की नौकरी के दौरान, उन्होंने अपनी इंग्लिश को बेहतर बनाया, जो उनके UPSC असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा पास करने में बेहद मददगार साबित हुई।
SSC CGL से लेकर UPSC तक का सफर
UPSC में सफलता पाने से पहले, अभिनंदन ने SSC CGL के जरिए ऑडिटर के रूप में भी काम किया। लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन से उन्होंने UPSC असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 2024 में पास की।

















