New Electric Bus: केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित कुल छह शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की अनुमति दी है. इस योजना के प्रथम चरण में ग्वालियर को 60 बसें मिलेंगी जो शहरी यातायात को प्रदूषण रहित बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी.
180 किलोमीटर की रेंज वाली होंगी नई ई-बसें
ग्वालियर में आने वाली ये ई-बसें नौ मीटर लंबी होंगी और इन्हें एक बार चार्ज करने पर 180 किलोमीटर तक चलाया जा सकेगा. इससे शहर में लंबे रूट की यात्रा करना संभव होगा. साथ ही पेट्रोल-डीजल की निर्भरता भी कम होगी.
प्रदूषण मुक्त परिवहन की ओर बड़ा कदम
इन बसों के आने से शहर को धुएं और वायु प्रदूषण से राहत मिलेगी. इलेक्ट्रिक बसें ना सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल होंगी बल्कि शोर रहित भी होंगी. जिससे नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन का अनुभव मिलेगा.
चार्जिंग स्टेशनों के लिए तेजी से शुरू हुआ काम
शुक्रवार को प्राप्त निर्देशों के बाद आईएसबीटी और रमौआ पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है. जिसमें विशेष अधिकारियों की एक टीम भी गठित की गई है. इसमें नोडल अधिकारी पवन सिंघल सहित कुल छह अधिकारियों को शामिल किया गया है.
बसों के संचालन के लिए ट्रैफिक के अनुसार तय होगा रूट
योजना के तहत बसों को चार्जिंग स्टेशन से ही रवाना किया जाएगा. ट्रैफिक और रास्ते में मौजूद चार्जिंग पॉइंट को ध्यान में रखते हुए बसों के रूट और संचालन का समय तय किया जाएगा. ताकि उनकी ऊर्जा का अधिकतम उपयोग हो सके.
10 संभावित रूटों के लिए निरीक्षण दल का गठन
ग्वालियर नगर निगम द्वारा चुने गए 10 संभावित बस रूटों का निरीक्षण करने के लिए कलेक्टर द्वारा एक छह सदस्यीय निरीक्षण दल के गठन की तैयारी की गई है. इसमें नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
सितंबर तक सड़कों पर उतरेंगी इलेक्ट्रिक बसें
चार्जिंग स्टेशन और रूट तैयार होने के बाद सितंबर 2025 तक ग्वालियर में इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ने लगेंगी. इससे शहरवासियों को सुविधाजनक, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा.
















