हरियाणा के सरकारी स्कूलों में एचकेआरएन के तहत सेवारत टीजीटी शिक्षकों को सरकार ने राहत दी है। सरकार ने इन शिक्षकों का अनुबंध एक साल के लिए बढ़ा दिया है। अब ये शिक्षक 31 मार्च 2026 तक ड्यूटी कर सकेंगे। इससे पहले 1 अप्रैल 2025 को शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को सरप्लस दिखाकर ड्यूटी से मुक्त कर दिया था।
शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सरप्लस के कारण कार्यमुक्त हुए टीजीटी के पदों पर नियुक्त शिक्षकों का अनुबंध 31 मार्च 2026 (1 साल) तक बढ़ाया जाता है। ये शिक्षक फिर से उन्हीं स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएंगे, जिनमें वे पहले से पढ़ा रहे थे।
पीजीटी शिक्षकों का अनुबंध भी बढ़ाया जा सकता है
वहीं, प्रदेश के स्कूलों से सरप्लस घोषित कर हटाए गए 252 पीजीटी शिक्षकों का अनुबंध भी एक साल के लिए बढ़ाने पर विचार चल रहा है। शिक्षा निदेशालय जल्द ही इस पर विचार कर इस संबंध में पत्र जारी कर सकता है। इसमें टीजीटी शिक्षकों की तरह पीजीटी शिक्षकों का अनुबंध भी बढ़ाए जाने की संभावना है।
यह खबर हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत एचकेआरएन (HKRN) के तहत नियुक्त शिक्षकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
मुख्य बातें:
1. टीजीटी शिक्षकों का अनुबंध बढ़ा:
पहले कार्यमुक्त किए गए टीजीटी (Trained Graduate Teachers) शिक्षकों का अनुबंध अब 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
ये शिक्षक उन्हीं स्कूलों में पढ़ाना जारी रखेंगे जहाँ वे पहले से कार्यरत थे।
2. पूर्व में कार्यमुक्ति:
1 अप्रैल 2025 को शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को “सरप्लस” बताकर हटाया था।
3. शिक्षा निदेशालय के निर्देश:
सभी ज़िला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इस फैसले को लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
4. पीजीटी शिक्षकों की उम्मीद:
252 PGT (Post Graduate Teachers) शिक्षकों का अनुबंध भी एक साल बढ़ाने पर विचार चल रहा है।
जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लेकर आदेश जारी किया जा सकता है।
















