Rule Change: हर महीने की तरह अगले महीने के 1 अप्रैल 2025 भी कई बड़े बदलाव होने वाले हैं। इन बदलावों में एलपीजी सिलेंडर की कीमत से लेकर बैंक खाते तक शामिल हैं। अगर आप SBI समेत अन्य बैंक के क्रेडिट कार्ड (Credit Card) यूज करते हैं, तो इससे जुड़े नियमों में भी बदलानव होने वाले हैं। आइए जानते हैं पहली अप्रैल से लागू होने वाले इन बड़े बदलावों के बारे में।Rule Change
LPG की कीमतें
हर महीने की पहली तारीख को गैस की कीमतों में बदलाव होता है। 1 अप्रैल, 2025 को भी इनमें बदलाव देखने को मिल सकता है. बीते कुछ समय में जहां 19 किलोग्राम वाला LPG Cylinder की कीमतों घट-बढ़ देखने को मिली है। बता दें कि लंबे समय से रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें यथावत बनी हुई हैं।
क्रेडिट कार्ड के जुड़े नियम
1 अप्रैल 2025 से क्रेडिट कार्ड के नियमों में भी बदलाव हो रहा है। जो इनपर मिलने वाले रिवॉर्ड से लेकर अन्य सुविधाओं पर असर डालेंगे। एक ओर जहां SBI अपने SimplyCLICK क्रेडिट कार्ड पर Swiggy रिवॉर्ड को 5 गुना से घटाकर आधा कर देगा। तो Air India सिग्नेचर पॉइंट्स को 30 से घटाकर 10 कर किया जाएगा। इसके अलावा IDFC First बैंक क्लब विस्तारा माइलस्टोन के फायदे बंद करने वाला है।
बैंक खाते से जुड़ा ये चेंज
अप्रैल महीने की पहली तारीख से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत अन्य कई बैंक ग्राहकों के सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस से जुड़े नियम संशोधित करने जा रहे हैं। बैंक द्वारा खाताधारक के मिनिमम बैलेंस के लिए सेक्टर वाइज आधार पर नई लिमिट तय होगी और न्यूनतम बैलेंस खाते में न होने की स्थिति में फाइन लगाया जा सकता है।
ये UPI अकाउंट्स होंगे बंद
1 अप्रैल से अगला बदलाव UPI से जुड़ा हुआ है और जिन मोबाइल नंबरों से जुड़े यूपीआई अकाउंट्स लंबे समय से एक्टिव नहीं हैं, बैंक रिकॉर्ड से हटाया जाएगा. अगर आपका फोन नंबर यूपीआई ऐप से जुड़ा है और आपने लंबे समय से इसका इस्तेमाल नहीं किया है तो इसकी सेवाएं बंद की जा सकती हैं.
Tax से जुड़े बदलाव
बजट 2025 में मिडिल क्लास को राहत देते सरकार ने कई बड़े ऐलान किए गए थे, जिसमें टैक्स स्लैब में बदलाव से लेकर टीडीस, टैक्स रिबेट और अन्य चीजें शामिल थीं. वहीं पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह पर नए इनकम टैक्स बिल का प्रस्ताव रखा था. यह सभी बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभाव में आने वाले हैं.Rule Change
नए टैक्स स्लैब के तहत सालाना 12 लाख रुपये तक कमाने वाले व्यक्तियों को टैक्स का भुगतान करने से छूट दी जाएगी. इसके अलावा, वेतनभोगी कर्मचारी 75,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन के लिए पात्र होंगे. इसका मतलब है कि 12.75 लाख रुपये तक की वेतन आय अब टैक्स से मुक्त हो सकती है।

















