Haryana News : हरियाणा में सरकारी नौकरियां प्राप्त करने के लिए जाली खेल प्रमाण पत्र बनवाने का गोरखधंधा तेजी से फल फूल रहा है। हरियाणा सरकार के पास पहुंची शिकायतों के बाद जांच में बडा खुलासा हुआ है।
बता दे हरियाणा में खेलों में भागीदारी व मैडल मिलने पर खिलाड़ियों के ग्रेडेशन सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। हालाकि नायब सरकार अब कई विभागों में खेल कोटे को बहाल कर चुकी है। क्याकि खेल विभाग में सीधे डिप्टी डायरेक्टर नियुक्त करने की शुरूआत मनोहर सरकार के समय से ही हो गई थी। ऐसे में फर्जीवाडे का खुलासा होने लगा हैं Haryana News

नौकरियों में अनिवार्य सर्टिफिकेट: बता दे कि हरियाणा सरकार ने खेल कोटे के तहत नए नियम बनाए हुए है। नियमों के चलते खिलाड़ियों के सरकारी नौकरी के लिए जुड़ी पॉलिसी में संशोधन भी होते रहे हैं।
महानिदेशक संजीव वर्मा बताया जब कागजो की जांच की तो हरियाणा में 76 खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट फर्जी मिले। खेल निदेशालय की ग्रेडेशन वैरीफिकेशन कमेटी ने इन खेल प्रमाण पत्रों को रद्द करने की सिफारिश की है।

अब एचसीएस व डीएसपी नहीं
पूर्व की हुड्डा सरकार ने ओलंपिक, कॉमन वेल्थ व एशियाई खेलों के विजेताओं को पुलिस में सीधे डीएसपी, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर लगाया जाता था। नायब सैनी की से पहले हरियाण में मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल में इस पॉिलसी में संशोधन किया थां

जानिए किस जिले के कितने खिलाड़ी (List)
जिला खिलाड़ी
- भिवानी 21
- फरीदाबाद 02
- जींद 07
- कैथल 03
- करनाल 03
- कुरुक्षेत्र 05
- महेंद्रगढ़ 03
- पलवल 02
- फतेहाबाद 02
- हिसार 09
- झज्जर 01
- पानीपत 02
- रोहतक 05
- सोनीपत 10
- रोहतक 01
- दादरी 01
जिसके चलते पदक विजेता खिलाड़ियों को एचपीएस के अलावा एचसीएस लगाने का भी निर्णय लिया गया। हालांकि कुछ माह के बाद ही मनोहर पार्ट-।। में इस फैसले को बदल दिया गया। इसके बाद फिर से इन खिलाडियों विभाग में ही डिप्टी डायरेक्टर के नये पद सृजित किए गए।

















