Chandigarh Property Rates: पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदना अब महंगा हो गया है। प्रशासन ने चार साल बाद कलेक्टर रेट्स में बड़ा बदलाव किया है, जिससे आवासीय और कमर्शियल संपत्तियों की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। कलेक्टर रेट्स में 4 गुना तक की वृद्धि ने रियल एस्टेट कारोबारियों और निवेशकों को बड़ा झटका दिया है।
Chandigarh Property Rates चार साल बाद हुआ कलेक्टर रेट्स में बदलाव
चंडीगढ़ प्रशासन ने 2021 के बाद अब 2024 में कलेक्टर रेट्स को संशोधित किया है। गांवों में कृषि भूमि की कीमत 3 से 4 गुना बढ़ा दी गई है और सेक्टर-1 से 12 के आवासीय संपत्तियों के रेट डेढ़ गुना बढ़ा दिए गए हैं। इससे पहले 2017 और 2021 में इन दरों में बदलाव हुआ था।
चंडीगढ़ प्रॉपर्टी कंसलटेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल गुप्ता ने प्रशासन के इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा,
“मार्केट पहले ही मंदी में थी, अब कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी कारोबार पूरी तरह ठप हो सकता है। खासकर, कमर्शियल प्रॉपर्टी पर इसका बड़ा असर पड़ेगा।”
रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों पर असर
नए कलेक्टर रेट्स के अनुसार, रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों की कीमतों में बड़ी वृद्धि हुई है। इससे न केवल प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा, बल्कि रजिस्ट्रेशन और अन्य करों में भी वृद्धि होगी।
सेक्टर 1 से 12 – आवासीय संपत्तियों के कलेक्टर रेट डेढ़ गुना बढ़े
औद्योगिक क्षेत्र (फेज-1 और 2) – कमर्शियल प्लॉट का कलेक्टर रेट 62,000 से बढ़ाकर 83,000 रुपये प्रति गज हुआ
फेज-3 औद्योगिक क्षेत्र – पहली बार कलेक्टर रेट्स निर्धारित
लोहा बाजार, लकड़ी बाजार, ट्रांसपोर्ट क्षेत्र – 92,664 रुपये से बढ़ाकर 98,800 रुपये प्रति वर्ग गज किया गया
रिहायशी प्लॉट को नर्सिंग होम, अस्पताल में बदलने पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगेगा
औद्योगिक क्षेत्र को व्यावसायिक उपयोग में बदलने पर 5% अतिरिक्त शुल्क लगेगा
मंजिला अनुसार नए कलेक्टर रेट्स
पहली मंजिल – 4,050 रुपये से बढ़कर 10,220 रुपये प्रति वर्ग फीट
दूसरी मंजिल – 3,645 रुपये से बढ़कर 9,140 रुपये प्रति वर्ग फीट
तीसरी मंजिल – 3,280 रुपये से बढ़कर 7,900 रुपये प्रति वर्ग फीट
सेक्टर 14 से 37 में 10 मरले की कोठी – पंजीकरण कीमत 3.70 करोड़ रुपये तय
बढ़ते कलेक्टर रेट्स पर लोगों की प्रतिक्रिया
कलेक्टर रेट्स में इस अचानक हुई वृद्धि के खिलाफ शहरवासियों और व्यापारियों ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। कोयला डिपो, लोहा बाजार, लकड़ी बाजार और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के कारोबारी भी इस फैसले के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
कलेक्टर रेट्स बढ़ने से आम जनता पर असर
घर खरीदना और बेचना महंगा हो जाएगा
रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी पर ज्यादा खर्च करना होगा
कमर्शियल प्रॉपर्टी निवेश पर असर पड़ेगा
रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी आ सकती है
व्यापारियों और बिल्डर्स पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा
क्या प्रशासन इस फैसले पर पुनर्विचार करेगा?
नए कलेक्टर रेट्स के लागू होने से पहले व्यापारी संगठन और स्थानीय निवासी इसके विरोध में सड़कों पर उतरने की योजना बना रहे हैं। अगर दबाव बना, तो प्रशासन को इन दरों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।
Chandigarh Property Rates चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदना अब और महंगा हो गया है। कलेक्टर रेट्स में 4 गुना तक की बढ़ोतरी से रियल एस्टेट सेक्टर पर गहरा असर पड़ेगा। व्यापारी और आम लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, लेकिन देखना होगा कि प्रशासन इस पर दोबारा विचार करता है या नहीं।

















