Delhi news: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने राजधानी के परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। इस महीने दिल्ली में एक हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने की योजना बनाई जा रही है। दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने इस बात की पुष्टि की है कि इस महीने से दिल्ली में 1000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। यह कदम दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को और अधिक पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
परिवहन क्षेत्र में सुधार की दिशा में कदम
पंकज सिंह ने कहा कि दिल्ली परिवहन विभाग (DTC) फिलहाल 235 करोड़ रुपये के घाटे में है, लेकिन सरकार एक ऐसी योजना पर काम कर रही है जिसके तहत अगले एक साल में इस विभाग को लाभ में लाया जाएगा। पंकज सिंह, जो कि दिल्ली सरकार के छह मंत्रियों में से एक हैं, ने इस महीने दिल्ली में 1000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों के आगमन की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के परिवहन क्षेत्र को सार्वजनिक के लिए अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाना है, ताकि लोग निजी वाहनों पर कम निर्भर रहें।
सिंह ने कहा, “हमारा पहला कदम दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करना होगा, उसके बाद परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए और सुधार किए जाएंगे।” इस योजना के तहत, अगले छह महीनों में दिल्ली के परिवहन क्षेत्र में क्रमिक सुधार देखने को मिलेंगे। पहले चरण में, जरूरी और तत्काल सुधारों पर ध्यान दिया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में प्रमुख परियोजनाओं को लागू किया जाएगा, जो सार्वजनिक परिवहन को और अधिक कुशल और सुलभ बनाएंगे।
दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का महत्व
दिल्ली सरकार के इस कदम से न केवल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होगा। पंकज सिंह ने कहा, “दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की पर्याप्त संख्या नहीं है, हम अधिक इलेक्ट्रिक बसों को लेकर आएंगे। इस महीने एक हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बसों के आगमन से सार्वजनिक परिवहन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, जिससे शहर को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।”
इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से दिल्ली के प्रदूषण स्तर को भी नियंत्रित किया जा सकेगा, क्योंकि ये बसें पेट्रोल और डीजल बसों की तुलना में कम प्रदूषण पैदा करती हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन से दिल्ली के अंदर वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण में भी कमी आएगी। दिल्ली की बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए, सार्वजनिक परिवहन के विकास की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।
दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन नीति और उसके प्रभाव
दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2020, जो पिछले वर्ष अगस्त में समाप्त हो गई थी, को कई बार विस्तार दिया गया है। वर्तमान में, यह नीति 31 मार्च 2025 तक लागू रहेगी। पूर्व मुख्यमंत्री अतीशी ने 28 नवंबर 2024 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि दिल्ली की Cabinet ने खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए EV नीति को बढ़ाने का निर्णय लिया है और जनवरी 1, 2025 से लंबित सब्सिडी और रोड टैक्स छूट को फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है।
इस नीति के तहत, दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कई आकर्षक योजनाएं और सब्सिडी उपलब्ध कराई हैं। इससे न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिला है, बल्कि यह पर्यावरण को भी लाभ पहुंचाने का एक बड़ा कदम साबित हो रहा है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक दिल्ली में सभी नए वाहनों का 25% हिस्सा इलेक्ट्रिक हो।
परिवहन क्षेत्र में सुधार के व्यापक उद्देश्य
दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन को बेहतर और सुविधाजनक बनाना भी है। पंकज सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर रहने की बजाय सार्वजनिक परिवहन पर अधिक निर्भर होना चाहिए। इसके लिए सरकार अगले कुछ वर्षों में और भी कई महत्वपूर्ण सुधार करने की योजना बना रही है।
इसमें प्रमुख सुधारों में नई बसों की खरीद, बसों की बेहतर रखरखाव और सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता में सुधार शामिल है। इसके अलावा, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के जरिए यातायात की निगरानी और नियंत्रण को बेहतर बनाने की योजना भी है।
दिल्ली सरकार का यह कदम न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन को सुलभ और अधिक सुरक्षित बनाएगा। 1000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से दिल्ली में प्रदूषण में कमी आएगी और लोग सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करेंगे, जिससे निजी वाहनों की संख्या में भी कमी आएगी। इसके अलावा, दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2020 के विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दिल्ली को एक स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने में मदद मिलेगी।
यह पहल दिल्ली सरकार के प्रयासों का एक हिस्सा है, जो दिल्ली के परिवहन क्षेत्र में सुधार, प्रदूषण में कमी और नागरिकों के लिए अधिक सुलभ और सुरक्षित परिवहन प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही है।

















