कोड रेड जारी: हरियाणा के दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और रोहतक जिलों के लिए “कोड रेड” अलर्ट जारी किया है, जो कि मौसम की सबसे गंभीर चेतावनी मानी जाती है। इसका सीधा मतलब है कि इन इलाकों में लू का प्रकोप आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकता है, जिससे स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बढ़ सकता है।
गुरुवार को सिरसा में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हिसार और भिवानी में पारा 46 डिग्री के पार पहुंच गया। स्थिति इतनी गंभीर है कि दोपहर 11 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है, और लोग जरूरी कामों के अलावा घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग ने भी बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
राज्य सरकार ने स्कूलों को पहले ही गर्मी की छुट्टियों के तहत बंद कर रखा है, लेकिन अब सरकारी निर्माण स्थलों और खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। श्रम विभाग ने ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच कोई भी श्रमिक खुले में कार्य न करे। साथ ही, स्थानीय प्रशासन द्वारा पानी के टैंकर और कूलिंग प्वाइंट्स की व्यवस्था शुरू की जा रही है, ताकि लू के प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सके।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं, क्योंकि गर्म हवा की तीव्रता और तापमान में और इज़ाफा होने की संभावना है। हालांकि, 15 जून के आसपास हल्की बारिश या धूलभरी आंधी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन तब तक सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते हर साल गर्मी का प्रकोप पहले से ज्यादा गहरा होता जा रहा है। ऐसे में सरकार और नागरिकों दोनों को मिलकर तैयारी करनी होगी। जनता से अपील की गई है कि पानी का भरपूर सेवन करें, ढीले कपड़े पहनें और धूप में निकलने से बचें। लू की इस मार में सतर्कता ही सुरक्षा है।

















