Weather Alert: हरियाणा में फिर बदला मौसम, जानिए कल कहां कहां होगी मूसलाधार बारिश

On: October 6, 2025 6:07 PM
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चंडीगढ़। हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में सोमवार को मूसलाधार बारिश हुई। राजस्थान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने इस प्रणाली को और मजबूत कर दिया, जिससे नमी युक्त हवाएं प्रदेश के अंदर तक पहुंचीं और बारिश की तीव्रता बढ़ गई।Weather Alert

इन जिलों में बारिश का अलर्ट‘ मौसम विभाग ने बताया कि अलर्ट जारी करते हुए कहा कि अगले तीन घंटों में महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, झज्जर, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में बारिश की संभावना है।Weather Alert

वहीं फतेहाबाद, हिसार, जींद, करनाल, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, पानीपत, रोहतक और सोनीपत में पूरे दिन भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। सोमवार सुबह से ही अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में घने बादल छाए रहे, जबकि हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और रोहतक में तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआWeather Alert

कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र के प्रभाव से यह बारिश जारी है। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।Weather Alert

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से धान और कपास की फसल को आंशिक नुकसान हो सकता है, जबकि हवा में नमी बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।।

बहादुरगढ में हुआ हादसा: तेज बारिश के चलते कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई। हिसार के एक अस्पताल में पानी भर गया, वहीं सिरसा के जमाल गांव में हल्की ओलावृष्टि से कपास की फसल को नुकसान पहुंचा। बहादुरगढ़ में तेज हवाओं से एक पेड़ मकान पर गिर गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी बाधित रही।

कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र के प्रभाव से यह बारिश जारी है। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से धान और कपास की फसल को आंशिक नुकसान हो सकता है, जबकि हवा में नमी बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

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